






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 जुलाई 2022। राज्य सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए ग्राम विकास अधिकारी लगातार विरोध प्रदर्शन करते हुए अपना हक देने की मांग सरकार से कर रहें है। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के आह्वान पर आज शाखा श्रीडूंगरगढ ने एक दिवसीय धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्राम विकास अधिकारियों ने आज से पूरे राजस्थान में निर्माण श्रमिकों के सत्यापन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन व स्वामित्व योजना का पूर्ण बहिष्कार करने की घोषणा की है। संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सुदर्शन महिया ने बताया कि अगर अब भी सरकार अपने लिखित समझौते को लागू नहीं करती है तो आगामी 27 जुलाई से सभी ग्राम विकास अधिकारीयों द्वारा सोशल मीडिया पर ट्वीट अभियान चलाया जाएगा तथा 1 अगस्त को समस्त जनप्रतिनिधियों, अधिकारीयों एवं आमजन को होने वाले कष्ट के लिए क्षमा याचना दिवस मनाते हुए 4 अगस्त से सम्पूर्ण कार्यों का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन कलम बन्द आन्दोलन किया जाएगा। आज धरना स्थल पर सभी ग्राम विकास अधिकारीयों ने काले कपडें पहन कर नारेबाजी कर सरकार तक अपनी बात पहुचानें का प्रयास किया। इस दौरान ब्लाॅक अध्यक्ष सुदर्शन महिया, जिला प्रतिनिधि मनोज सिसोदिया, मंत्री रामसिंह मीणा, भंवरसिंह पंवार, रोहिताश कुमार, रघुवीर सिंह, हितेश खीचड़, संजीव बुडानिया, शिवभगवान बिजारनिया, रामराय मीणा, ओमप्रकाश मीणा, मनोज खिलेरी, पवन कुमार स्वामी, दशरथ दर्जी, मुलाराम महिया, शैलेन्द्र दहिया, हरिप्रसाद मीणा, भीवाराम मेघवाल, संजीव शर्मा आदि सभी ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहें व अपना पुरजोर विरोध दर्ज करवाया।
ये है मांगे।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। संघ के जिला प्रतिनिधि मनीष सिसोदिया ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी छठे वेतन की विसंगति दूर करने, ग्रेड पे 3600 करने, 1ः4 में सहायक विकास अधिकारीयों के पद सृजित करने, सहायक विकास अधिकारी 565 नवीन पद सृजित करने, सहायक विकास अधिकारी के समाप्त किये हुए 106 पद पुनः सृृजित करने, अन्तर जिला स्थानांतरण के लिए एक बारीय शिथिलन देने, लम्बित पदोन्नति ग्राम विकास अधिकारी के पद का चार्ज कनिष्ठ लिपिक को देने के विभागीय आदेश को प्रत्याहारित के करने के साथ ही ग्राम विकास अधिकारीयों को प्रदत्त कार्यों की समीक्षा तथा मूल्यांन के लिए उच्च स्तरीय कमेठी गठित करने व कमेठी की प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर वेतन, भत्ते व अन्य संशाधनों में वृद्धि को स्वीकृत करवाने की मांगे है।





