May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 अक्टूबर 2022। पशुपालकों के लिए बड़ी खबर आई है और पांच साल बाद केन्द्र सरकार ने बहु प्रतीक्षित पशु बीमा पुनः में पशुओं का बीमा करना आज से प्रांरभ कर दिया है। पशु चिकित्सक डॉ. दीनू खान ने जानकारी देते हुए बताया कि बीमा योजना में पशुपालकों को अपने पालतू पशुओं की मौत होने पर वे आर्थिक हानि से बच सकते है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि योजना पूरी तरह से पारदर्शी है। केंद्र सरकार ने पहल करते हुए नेशनल लाइव स्टोक के अंतर्गत रिस्क मैनेजमेंट के तहत संचालित पशुधन बीमा योजना का अब पशुपालक लाभ ले सकेंगे। श्रीडूंगरगढ़ में पहला बीमा आज मोमासर बास निवासी कृष्णा स्वामी व जगदीश स्वामी ने अपनी गायों का करवाया है। बता देवें ये काम ओरिएन्टल इंश्योरेंस कम्पनी व यूनाइटेड इंसयोरेन्स कम्पनी को सौंपा गया है। बीकानेर जिले में सभी पशुचिकित्सालयों में योजना प्रारंभ हो गई है और श्रीडूंगरगढ़, लिखमादेसर, दुलचासर, मोमासर, सांवतसर, डेलवां, बेनीसर, कालूबास में योजना में बीमा करना चिकित्सकों ने प्रारंभ कर दिया है।

गाय, भैंस के साथ ये पशु भी है शामिल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आज ही शुरू हुई बीमा योजना में गाय की अनुमानित कीमत 40 हजार, भैंस की 50 हजार मानी गई है। अन्य पशु में 10 भेंड़, 10 बकरी, 10 सूअर प्रति 50 हजार, भार ढोने वाले पशु ऊंट, घोड़ा, गधा, सांड, पाडा की कीमत 50 हजार रूपए आंकी गई है। बीमा पशु पालकों की इच्छा अनुसार 1 साल, 2 साल या 3 साल का करवाया जा सकता है।

खान ने बताया कि जैसे पशुपालक की गाय 40 हजार की गाय है तो उसका प्रीमियम 1768 होगा जिसमें पशुपालक को 884 रूपए बीमा राशि देनी होगी तथा 884 रूपए सरकार द्वारा भरे जाएंगे। इसमें बीपीएल, एससी, एसटी को 531 रूपए भरने होंगे शेष राशि सरकार द्वारा देय होगी। बीमा तीन साल के लिए करवाएं तो राशि 2170 रूपए देय होगी।

बीमा के लिए यह दस्तावेज देना होगा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पशुपालक को बीमा के लिए करवाने के लिए आवेदन पत्र, पशु का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, पशुपालक का पशु के कान में लगे टेग सहित फोटो, बीपीएल कार्ड, एससीएसटी से संबंधित दस्तावेज की प्रति, बैंक का नाम, खाता संख्या, आईएफएससी कोड, आधार कार्ड, प्रीमियम राशि पशुपालक को देनी होगी। साथ ही पशु के कान में लगे टेक खोने पर 48 घंटे के भीतर पशुपालक को इसकी सूचना बीमा कंपनी को देनी होगी।
पशु की मौत की बीमा कंपनी को दें सूचना।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पशु की मौत हो जाने पर बीमा कंपनी को मोबाइल, ईमेल या एसएमएस द्वारा सूचना करना, बीमा प्रमाण पत्र, क्लेम फॉर्म भरकर बीमा कंपनी को उपलब्ध कराना, पशु का मृत्यु प्रमाण पत्र मृत पशु की फोटो, देने पर ही बीमा कंपनी द्वारा क्लेम राशि दी जाएगी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मोमासर बास के निवासी कृष्णा व जगदीश ने करवाया अपने गौवंश का बीमा, डॉ. दीनू खान ने पशुपालकों से बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।