May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 अक्टूबर 2022। क्या आपको सुबह जागने में मुश्किल होती है. चिंता न करें, आप अकेले नहीं हैं. कई सारे ऐसे लोग हैं, जिनका सुबह बेड छोड़ने का मन नहीं करता. जबकि कुछ लोग जल्दी उठने वाले होते हैं. सुबह जल्दी न उठने के ज्यादातर मामलों का कारण आलस्य होता है. हालांकि यह हमेशा के लिए नहीं होता है. कुछ लोग डाइसेनिया नामक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं.

डाइसेनिया क्या है?
ये वह स्थिति है जब आपको बेड से नहीं उठने में दिक्कत होती है. मेडिकल के हिसाब से, डाइसेनिया के कारण इंसान सुबह बेड से उठने में असमर्थ होता है और जब आप उठने का प्रयास करते हैं तो आपको ऐसा लगता है कि वापस सो जाना चाहिए. यह नींद की जड़ता (sleep inertia) और थकान के समान ही महसूस होता है.

इन गंभीर बीमारियों का संकेत है डाइसेनिया

दिल की बीमारी
एक रिसर्च के अनुसार, कई दिल की बीमारियां थकान का कारण बन सकता है, जिससे आपको सुबह उठने में मुश्किल हो सकती है. यदि आप धूम्रपान करते हैं, वजन अधिक है, डायबिटीज, हाई बीपी या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है तो आपको दिल या फेफड़ों की बीमारी होने की अधिक संभावना है.

नींद न आना (स्लीप डिसऑर्डर)
नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंट्री और इंटिग्रेटेड हेल्थ के अनुसार, स्लीप डिसऑर्डर 80 विभिन्न प्रकार के होते हैं. नींद ना आने से डाइसेनिया का खतरा रहता है और आपके लिए सुबह उठना मुश्किल बना देता है.

डिप्रेशन
डाइसेनिया और डिप्रेशन के बीच गहरा संबंध हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि डिप्रेशन आपके लिए सोना मुश्किल कर सकता है,और नींद की कमी डिप्रेशन के लक्षणों को और खराब कर सकती है. डिप्रेशन कभी-कभी किसी अन्य बीमारी के कारण होने वाली थकान का परिणाम हो सकता है.

डाइसेनिया का इलाज
यदि ऊपर बताए गए कोई भी प्वाइंट्स आपको महसूस होते हैं तो उचित निदान के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए.