May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 अक्टूबर 2022। आजादी के हाल ही में जब देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया है तो श्रीडूंगरगढ़ उपखंड के छोटे से गांव लाधड़िया से एक शिक्षा की रोशनी फैलाने वाला सुखद समाचार आया है। यहां इस बार दीवाली का उत्साह सदा से कुछ अधिक हो आया है क्योंकि अमृत महोत्सव के बाद गांव का पहला लड़का शिक्षक भर्ती में मास्साब बन गया है। श्रीडूंगरगढ़ तहसील के सबसे पुराने एवं सबसे पिछ़डे हुए गांव के रूप में जाना जाता रहा है लादडिया एवं यहां की अधिकांश आबादी पानी की कमी से पलायन कर आस पास के गांवों में बस गई है। आजादी के 75सालों में गांव में कोई भी व्यक्ति कभी भी सरकारी शिक्षक भर्ती में चयनीत हुआ एवं गांव से पहला युवक सरकारी शिक्षक शुक्रवार शाम को पीटीआई के परिणाम में चुना गया। लाधड़िया के 26 वर्षीय युवक कन्हैयालाल स्वामी पुत्र राजेंद्र स्वामी पीटीआई के लिए चयन हो गया है। कन्हैयालाल ने 2019 में गंगानगर से बीपीएड की डिग्री पूरी की तथा बीकानेर रह कर सरकारी नौकरी की तैयारी की। पहली बार परीक्षा दी। पहली बार मे ही कन्हैयालाल ने ये सफलता हासिल करते हुए अंतिम रूप से शारीरिक शिक्षक भर्ती में चयनित हो गए है। गांव के पहले युवक के शिक्षा के माध्यम से सफल होने पर गांव के अन्य युवाओं में आगामी परीक्षाओं की तैयारी करने का हौसला बढ़ गया है। ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी व गांव भर से जागरूक युवाओं ने प्रसन्नता प्रकट करते हुए शिक्षा विभाग में पहली नौकरी प्राप्त करने पर बधाई दी। राजेन्द्र बताते है कि छोटे से गांव में पानी की कमी के चलते रोजगार के अत्यधिक साधन उपलब्ध नहीं है और छोटी उम्र में लड़के कमाई के लिए दूसरे राज्यों को चले जाते है। हालांकि कन्हैयालाल के छोटे भाई सहित कुछ लड़के फ़ौज में है परंतु सभी सीधी भर्ती में शारीरिक दमदख दिखा कर ही नौकरी पा सके है। शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई की अलख जगाते हुए कोई मास्साब बने यह सपना पुरे गांव का अब तक अधूरा ही था। कन्हैयालाल स्वामी ने परिणाम के बाद अपने पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और ग्रामीणों की बधाई के लिए सभी का आभार जताया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आजादी के बाद से गांव लाधड़िया में युवक कन्हैयालाल स्वामी बना पहला शारीरिक शिक्षक, ग्रामीणों में उत्साह।