May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 नवंबर 2022। संस्कृति भवन में चांदनी सर्द शनिवारी रात में वीर के साथ श्रृंगार व हास्य रस में डूबी रचनाएं सुनाते हुए कवियों ने कस्बे के साहित्यप्रेमियों की खूब दाद बटोरी। श्रोता देर रात तक सुनते रहें और भावविभोर होकर तालियां बजाते रहें। राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर व राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में एक दर्जन से अधिक नामचीन कवियों ने हिंदी व राजस्थानी भाषा में अपनी रचनाएं सुनाई। कवि सम्मेलन का प्रारंभ बीकानेर के युवा रचनाकार गोपाल पुरोहित ने अराधना छंद के साथ किया व श्रृंगार पर गीत पढ़कर सभा का माहौल काव्यमय कर दिया। रतनगढ़ के मनोज चारण ने जननी जन्मभोम के प्रति अपने कर्तव्य निभाने का आह्वान किया। चारण ने हास्य से प्रारंभ कर अपनी ओजस्वी वाणी में ऐतिहासिक गौरव के मार्ग से वसुधैव कुटुम्बकम तक ले जाकर अपनी बात को पूरा किया। रावतसर के रूपसिंह राजपुरी ने सभा को हास्य रस से सराबोर कर दिया व शिक्षक पर अपनी प्रसिद्ध रचना सुनाकर सभा का मन मोह लिया। पति पत्नी के बीच की नोक झोंक से श्रोताओं को खूब हंसाया। हेमासर गांव के व प्रवासी कवि नंद सारस्वत ने गांव की आवो हवा में जुल रहें जहर की बात कही तो जोधपुर की कवयित्री मधुर परिहार ने आज की नारी को तलवार की धार पर चलकर मन के सपने बुनने की बात कहकर खुद के नूर से चमकने की बात कही। मधुर ने सुरिली आवाज में तुमको जो कहना है कह दो, मैं तो बस मौन रहूंगी सुना कर दाद बटोरी। बींझासर के छैलूसिंह चारण छैल ने वीर रस से सभा में देशभक्ति का भाव भर दिया। छैल ने कलम को सत्ता से संघर्ष की बात कह कर मां भारती के छलनी होने की बात कही। कवि कैलाश कविया ने पुराने व नए जमाने के परिवर्तन पर राजस्थानी भाषा में छंद सुनाकर खूब हंसाया तो वहीं आटा साटा के चक्करा में बापु कांटा मत बाव रचना से सामाजिक कुरीति पर कड़ा प्रहार भी किया। आरटीओ अधिकारी व कवि नेमीचंद पारीक ने “आप तो इतना करम फरमाइए आदमी है आदमी हो जाइए” सुनाई तो श्रोताओं ने खूब दाद दी। उन्होंने कम लिखने पर अच्छा लिखने की पैरवी करते हुए आंतकवाद के खिलाफ रगो में खून दौड़ाने वाली कविता वंदे मातरम बोलेंगे सुनाई तो सभा में वंदे मातरम गूंज उठा। डीडवाना के कवि व गीतकार डॉ. गजादान चारण ने प्रतियोगी परीक्षाओं के रद्द होने पर कटाक्ष किया और बुजुर्गों को भगवान के बराबर बता कर उन्हें घर की साख बताई। चारण ने कहा कि विद्या विनम्रता देती है और गुरू को घमंड दिया तो समाज में रिश्ते दस्तूर बन कर रह गए है। उन्होंने इण आजादी री इज्जत नैं, म्हे राजस्थान्यां राखी है सुना कर अपनी प्रसिद्धि को सार्थक कर दिया। मनीषा आर्य सोनी ने आतंकवाद के प्रश्नों से गूंज रहें सदन में विश्वास का व आश्वासन का गीत सुनाया तो सदन दाद दे उठा। सोनी ने मौसमों के झूठे वादे फिर भी मन आश्वस्त है सुनाया तो श्रोताओं ने वन्स मोर की आवाज उठाई। बीकानेर के शंकर सिंह राजपुरोहित ने अपनी रचना रूलपट्ट रासो के छंद सुनाए कर हास्य बिखेरा। उन्होंने काम धाम छोड़ मोबाइल धारो रचना सुना कर मोबाइल पर युवाओं के बढ़ते समय को समय की बर्बादी बताया। समारोह के मुख्य अतिथि भादरा के कवि शायर पवन शर्मा ने हरफनमौला अंदाज में गजलों से रूबरू करवाया। शर्मा ने हम तुमसे मिलेंगे गजल के बहाने, हम दिल की कहेंगे गजल के बहाने, सुना कर सदन की वाहवाही लुटी। संचालन कर रही कवयित्री मोनिका गौड़ ने रहूं बर्बाद या आबाद खुदा तुमको समझ बैठे है सुना कर दाद बटोरी। समारोह के अध्यक्ष सूरतगढ के शायर कवि राजेश चड्ढा ने तुम्हारी चुप्पियों को जब एक एक कर खोलता हूं बस तब मैं खुद से बोलता हूं सुना कर रंग जमा दिया। उन्होंने नवगीत बुल्लेशाह सी यारी रखता हूं सुनाकर सदन में ठहराव सा दे दिया। समिति की ओर से कवियों का सम्मान किया गया तथा समापन पर समिति अध्यक्ष श्याम महर्षि व मंत्री रवि पुरोहित ने सभी का आभार जताया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अनेक श्रोताओं ने कवियों को तन्मयता से सुना।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गीतकारों ने श्रोताओं का मन मोहा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मोनिका गौड़ ने बटोरी दाद।