






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 नवंबर 2022। बड़े शहरों के अपराध अब छोटे शहरों व कस्बो तक नहीं गांवो तक पैर पसार रहा है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में ऑनलाइन फ्रॉड की वारदातें गली मोहल्लों तक बढ़ गई है। श्रीडूंगरगढ़ थाने के एसआई बलवीर मील की आईडी हैक हो गई है। हैकर द्वारा उनकी कॉल लिस्ट कॉपी कर ली गई है और विभिन्न नम्बरों पर वे मैसेज कर रूपए की मांग कर रहें है। मील ने बताया कि उनके परिचित रूपए किसी भी अकाउंट में नहीं पे करें। बता देवें आए दिन नागरिक हैकर्स की लूट का शिकार हो रहें है। सीओ दिनेश कुमार ने आमजन को आगाह करते हुए कहा कि नागरिक किसी प्रकार के लालच में ना आएं। लालच के सभी प्रकार खराब है तथा आमजन इस सूत्र को हमेशा याद रखें सावधानी हटी और दुर्घटना घटी। सीओ ने कहा कि पासवर्ड स्ट्रांग रखें व क्राइम का शिकार होने पर पुलिस को सूचना देवें। साइबर एक्सपर्ट गोविंद सारस्वत ने बताया कि हैकर हर वक्त आपके आंकड़ों पर नजर गड़ाए हुए है जिससे सिर्फ सतर्कता व सावधानी ही बचाव है। पाठक ध्यान देवें कि किसी लिंक से उलजुलूल एप डॉउनलोड नहीं करें और बिना जानकारी के कोई लिंक ओपन नहीं करें। सभी पाठक ध्यान देवें और ये जानकारी एंड्रायड फोन का प्रयोग करने वाले सभी उपभोक्ताओं तक पहुंचाए। गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर पर मौजूद सभी एप सुरक्षित नहीं होते है। एक तो ये एप आपसे मोबाइल के सभी डेटा तक पहुंच की परमिशन मांगते है जिससे हैकर आपकी सारी जानकारी चोरी कर सकता है और दूसरे मीडिया फाइल तक पहुंच होने से यह आपकी गोपनीय जानकारी भी सार्वजनिक कर सकता है। ऐसे अनेक उदाहरण भी सामने आ रहें है। यूजर फ्रॉड को पकड़ने के लिए डोमेन नाम या ईमेल एड्रेस में स्पेलिंग की गलतियों पर ध्यान देवें। साइबर क्रिमिनल आम तौर पर नाम में थोड़ा सा हेर फेर कर देते हैं जिससे कि वह वास्तविक लगे। किसी भी ऐसे लिंक पर क्लिक करने से पहले दो बार सोचें। अगर कोई संदिग्ध ईमेल दिखे तो उस पर क्लिक ना करें। सायबर क्रिमिनल्स आम तौर पर आपको सुरक्षा के खतरे की धमकी देते है। ऐसे झांसे में ना आए और ऐसी स्थिति पर अपना दिमाग लगाए। उसके बाद अपने वित्तीय संस्थान से बात करें। हरगिज ओटीपी शेयर ना करें और नागरिक किसी एप को डाउनलोड करने से पहले परमिशन चेक करें। उसकी समीक्षा और रेटिंग पर ध्यान देंवे। 50 हजार से कम डाउनलोड वाले एप को इंस्टाल ही ना करें। थर्ड पार्टी एप स्टोर से एप ना लेंवे। पायरेटेड क्रैक एप डाउनलोड ना करें। फोन कॉल या एसएमएस पर अपनी गोपनीय जानकारी किसी को ना दें। किसी मैसेज पर आए लिंक पर क्लिक करने से पहले उसे अच्छी तरह चेक करें। अगर किसी जानकार के नंबर से आंकड़े मांगने का संदेश आया हो तो उन्हें फोन कर बात करें और पूछें कि जानकारी क्यों चाहिए। ओपन इंटरनेट नेटवर्क से वित्तीय ट्रांजेक्शन बिलकुल ना करें। वाई फाई को सिक्योर बनाएं और पासवर्ड कठिन रखें।
सभी पाठक ये जानकारी क्षेत्र में हर नागरिक तक पहुंचाए ताकि ऑनलाइन क्राइम के प्रति जागरूकता का प्रसार हो सकें।




