






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 मार्च 2023। ये वंदन की धरती है, अभिनंदन की धरती है। ये अर्पण की धरती है ये तर्पण की धरती है। दिवंगत कवि अटलबिहारी वाजपेयी की ये कालजयी कविता आज श्रीडूंगरगढ़ में साकार हुई है। रामनवमी को महापर्व बनाते हुए यहां के हजारों नर नारियों ने धर्मयात्रा में भाग लेकर आसमान तक जय श्रीराम के जयकारे गूंजाए तो कवि की ये कल्पाना साकार हो गई। रामभक्ति का ज्वार सा उमड़ता नजर आया और हर किसी के मुख पर यही था कि ये है हमारे श्रीडूंगरगढ़ की धर्मयात्रा। नागरिकों ने एक दूसरे को रामनवमी पर बधाई दी। सैंकड़ो युवा रैली में भगवा पताका, हनुमान पताका फहराते नजर आए। सैंकड़ो युवा नाचते गाते नजर आए वहीं सैंकड़ो नागरिकों ने उपस्थिति दर्ज करवाते हुए जयकारे लगाए। मातृशक्ति की उपस्थिति ने हर किसी को हैरत में डाल दिया। सैंकड़ो युवतियों ने केसरिया बांधे जय श्रीराम के जयकारे लगाए और स्वयंसेवकों ने उनकी सुरक्षा का दायित्व भी संभाला।












