May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 अप्रेल 2023। जिले के खाजूवाला में सहकारी समिति के चुनाव निरस्त होने के बाद बुधवार को श्रीडूंगरगढ़ में भी चुनाव निरस्त हो गए है। चुनाव संचालक मंडल के निर्वाचन सदस्यों का कोरम पूरा नहीं होने के कारण चुनाव को निरस्त कर दिया गया। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चुनाव में पक्ष व विपक्ष के बीच विवाद आपत्तियां, अपील के बाद उपरजिस्ट्रार, विभाग के संभागीय अधिकारी तक पहुंचा। अंदरखाने की सूचना के अनुसार विधायक ने भी मामले में हस्तक्षेप किय। विवाद वर्तमान अध्यक्ष व उनके विपक्षी गुट के बीच रहा। तख्ता पलट के विवाद ने बड़ी भूमिका निभाई और चुनाव निरस्त हो गया।
आप भी समझे सहकारी समिति के चुनाव का गणित।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। निर्वाचक मंडल के सदस्यों के चुनाव के लिए दो भाग में वोटर वोट करते है। भाग अ में 23 सहकारी समितियां+1 अन्य समिति= कुल 24 समितियां है। श्रीडूंगरगढ़ में विभागीय नियम के अनुसार जिस सहकारी समिति ने 50 हजार से अधिक की खरीद नहीं की है उन्हें बाहर कर दिया गया। यहां सभी 24 समितियां चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गई और कोरम 7 सदस्य का पूरा नहीं हुआ व भाग अ में सदस्य शून्य हो गए। बता देवें 2021-22में समितियों की 50 हजार की खरीद नहीं हुई परंतु वर्ष 2022-23 में सभी समितियों ने 50 हजार से अधिक की खरीद पूरी कर ली है।
वहीं भाग ब में व्यक्तिगत सदस्यता के लिए 669 सदस्य माने गए जिनमें से 5 का चुनाव किया जाना था। सदस्य संख्या कम होने पर वह भी नहीं हुआ। बता देवें भाग ब में करीब 2100 सदस्य है। इन सदस्यों ने सदस्यता शुल्क 400 रुपए जमा किए है और सरकारी नियमों के अनुसार शुल्क बढाकर 1000 रूपए कर दिए गए है। अब जिन सदस्यों ने 600 रूपए शुल्क भरवा दिए उन्हें सदस्यता दे दी गई व शेष सभी वोटर लिस्ट से बाहर हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार बाहर हुए शेष करीब 1500 सदस्य बकाया शुल्क जमा करवा कर सदस्यता ले सकते है।
पुनः शुरू से होगी चुनाव प्रक्रिया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सहकारी समिति के निर्वाचक मंडल व अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पुनः शुरू से प्रारंभ होगी। आगामी तिथि भी सरकार द्वारा तय की जाएगी। श्रीडूंगरगढ़ में अध्यक्ष पद के लिए जबरदस्त खींचतान है व सभी दलों द्वारा पूरजोर आजमाईश की जा रही है। वर्तमान अध्यक्ष लगातार दो कार्यकाल से अध्यक्ष पद पर है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विपक्षी गुट उन्हें हटाकर अपने गुट से नया अध्यक्ष बनाना चाहते है। इसी खींचतान में चुनाव में आपत्तियां, अपील का हेवी वोल्टेज ड्रामा हुआ और चुनाव निरस्त हो गए है।