May 26, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के फेसबुक पेज पर एक लाख फॉलोवर पूरे हो जाने पर टाइम्स द्वारा जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रत्येक सप्ताह विशेष कवरेज शुरू की गई है। जिसमें टाइम्स के विशेष संवाददाता अशोक पारीक सभी पाठकों के समक्ष खोज-परक खबरें प्रस्तुत कर रहे है। इसी पहल में प्रस्तुत है इस सप्ताह की यह विशेष खबर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 मई 2026। चिकित्सकों के रिक्त पद, जो तैनात है उनकी छुट्टियां एवं गैर चिकित्सकीय कार्य, समय पर सीट पर नहीं आने की आदत, दवा केन्द्रों व ओपीडी पर्ची कटवाने की लंबी लाईनें, भीड़ के कारण जांचे नहीं करवा पाने की स्थिति एवं स्टॉक नहीं होने के कारण बाहर से दवाईयां लेने की मजबूरी, बंद पड़ा जनरेटर, घुटनों तक भरने वाला बरसाती पानी सहित ऐसी अनगिनत अव्यवस्थाओं की आंधी इन दिनों श्रीडूंगरगढ़ उपजिला चिकित्सालय में चल रही है। लेकिन इस अव्यवस्थाओं की आंधी के बीच में यहां उम्मीद का दीपक बने है यहां चिकित्सकों द्वारा किए जा रहे विभिन्न रोगों के ऑपरेशन। घुटनों का ऑपरेशन, कुल्हे के ऑपरेशन, सिजेरियन डिलेवरी के ऑपरेशन, छाती में पानी भरने का ऑपरेशन ये सब ऑपरेशन क्षेत्रवासियों के लिए सरकारी चिकित्सा सुविधा में करवाना दूर का सपना हुआ करता था, लेकिन अब यह सपना श्रीडूंगरगढ़ उपजिला चिकित्सालय में पूरा हो रहा है। यहां विगत वर्षों में तैनात किए गए हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश गोदारा ने वर्ष 2024 में पहल कर यहां ऑपरेशन शुरू किए और कुल्हे के 3 और घुटने के 3 सफल ऑपरेशन किए। इसके बाद गत वर्ष में घुटने के 26 और कुल्हे के 6 सफल ऑपरेशन कर क्षेत्र के रोगियों को राहत दी है। वहीं इस वर्ष के शुरूआती महिनों में अप्रैल तक घुटने के 17 और कुल्हे के 2 ऑपरेशन किए है। इनके साथ ही यहां तैनात किए गए महिला रोग विशेषज्ञ डॉ रविन्द्र गोदारा ने भी पहल करते हुए यहां सिजेरियन डिलेवरी करवाना शुरू किया। गत अप्रैल माह में कस्बे के सरकारी चिकित्सालय में पहला सिजेरियन ऑपरेशन किया गया एवं मई महीने में अब तक तीन और महिलाओं की सिजेरियन डिलेवरी करवाई गई है। इसी प्रकार फिजिशियन डॉ वेदप्रकाश सारस्वत ने फेफड़ों में पानी भरने का उपचार छाती में चीरा लगा कर यहां करना शुरू कर दिया है एवं कई रोगियों को यह लाभ मिल चुका है। इन ऑपरेशनों में नर्सिंग कर्मी प्रदीप पांडे का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा है।
चिकित्सकों की कमी दूर हो तो मिले ऑपरेशन की सुविधाएं।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ उपजिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी के हालात यह है कि यहां प्रतिदिन होने वाली ओपीडी को पूरा करने के लिए ही चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं रहती है। ऐसे में चिकित्सकों से ओपीड़ी कवर करवाने की पहली प्राथमिकता चिकित्सालय प्रशासन की रहती है। उपजिला चिकित्सालय प्रभारी डॉ ओपी स्वामी ने बताया कि चिकित्सकों की कमी दूर की जाए तो श्रीडूंगरगढ़ उपजिला चिकित्सालय में गंभीर रोगियों के ऑपरेशन संबधी सेवांए और अधिक मिल सकती है।
लोगों का बढ़ा जुड़ाव, लगातार मिल रहा जन-योगदान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ चिकित्सालय में क्षेत्र के दानदाताओं एवं भामाशाहों का योगदान भी लगातार बढ़ता जा रहा है। केवल वर्ष 2026 में ही चिकित्सालय प्रभारी डॉ ओमप्रकाश स्वामी के प्रयासों से चिकित्सालय में दो नए कमरों का निर्माण दानदाता द्वारा करवाया गया है। साथ ही चिकित्सालय में 5 एसी, सर्जीकल बैड, व्हील चैयर, बीपी मशीनें, सेक्शन मशीन, निबुलाईजर, वाटरकूलर, सहित कई उपकरण दानदाताओं ने उपलब्ध करवाएं है। डॉ स्वामी ने बताया कि कम संसाधनों में भी पूरे मनायोग से चिकित्सा सेवाओं में यहां के चिकित्सक जुटे हुए है एवं इस कारण आमजन भी सहयोगी बनते हुए चिकित्सालय में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए अपनी भागीदारी निभा रहे है। हालांकि अभी और बहुत आवश्यकतांए है जो क्षेत्र के दानदाता पूरी कर रोगियों की सेवा में अपनी भूमिका निभा सकते है।
कब बनेगा ट्रोमा, सीएम घोषणा कर भूले.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ में चिकित्सा सेवाओं की बात जब भी चले तो हर व्यक्ति के मुंह से यही बात निकलती है कि आखिर कब बनेगा यहां घोषित उप जिला चिकित्सालय एवं ट्रोमा सेंटर। यहां गत कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2023 के बजट में घोषणा की थी एवं उसके बाद सरकार बदलने के बाद नई सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने क्षेत्र के गांव गुंसाईसर बड़ा में ट्रोमा सेंटर बनवाने की घोषणा की थी। लेकिन मुख्यमंत्री की यह घोषणा श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर की भूमि के विवाद में उलझ कर कहीं पीछे छूट गई है। यहां नई घोषणा के अनुसार जनमानस की भावनाओं के विपरीत ट्रोमा सेंटर एवं उपजिला चिकित्सालय के लिए नेशनल हाईवे स्थित सात बीघा आंवटित भूमि के बजाए अन्य भूमि की तलाश की जा रही है।