






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 अक्टूबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ के युवा प्रवासी के रूप में इस मिट्टी से प्रेम, सेवा, त्याग के संस्कार ही नहीं बल्कि जनसरोकारों के प्रति जिम्मेदारी निर्वहन के संस्कार की खुशबू भी बाहरी प्रदेशों व देशों में फैला रहें है। क्षेत्र के एक युवा ने अपनी जागरूकता व जन सरोकार की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी सराहना देश भर की जा रही है। एक महानगर के लाखों रहवासी इस युवा को शहर और आने वाली नस्लें बचाने के लिए आभार जताते हुए दुआएं दे रहें है। श्रीडूंगरगढ़ निवासी व इंदौर प्रवासी पारस जैन के इस सुकार्य की कीर्ति देश भर में विख्यात हो रही है। जाने विस्तार से-
मध्यप्रदेश का शहर इंदौर, एक ऐसा शहर जो साफ सफाई व स्वच्छता के लिए देश भर में पहली रैंक पर रहने के लिए जाना जाता है। फैशन, मल्टी स्टोरी इमारतें, चमचमाते बाजार वाले इंदौर की जनता आज दिल खोल कर पारस जैन का आभार जता रही है। इंदौर के निकट ही स्थित भोपाल शहर में 3 दिसम्बर सन् 1984 को एक भयानक औद्योगिक दुर्घटना हुई। इसे भोपाल गैस कांड या भोपाल गैस त्रासदी के नाम से जाना जाता है। इस कांड में यूनियन कार्बाइड का बचा हुआ वेस्ट (कचरा) पीथमपुर की फैक्ट्री में जलाया गया। इस वेस्ट की बची हुई राख का क्या हुआ.? ये प्रश्न कई लोगों के मनों में था। आश्चर्य की बात है कि इस राख को नष्ट करने के लिए पीथमपुर से मात्र 500 मीटर दूर एक बंकर जैसी यूनिट बनाई गई और राज्य सरकार ने इसे यहां नष्ट करने की प्लानिंग बना ली। परंतु समय रहते “संस्था विश्वम” के संस्थापक पारस जैन ने इस संबंध में हाईकोर्ट मध्यप्रदेश में एक जनहित याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 8 अक्टूबर 2025 को पारस जैन के पक्ष में निर्णय सुनाया। कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा की आपने जो यूनिट बनाई है, जिसमें राख को नष्ट किया जाएगा। क्या गारंटी है कि वो यूनिट टूटेगी नहीं.? कोर्ट ने कहा कि आपकी बनाई सड़कें और ब्रिज तो टिक नहीं पा रहें ऐसे में ऐसे खतरनाक यूनिट की सुरक्षा की क्या गारंटी रहेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार जो राख है, उसमें मरकरी बहुत अधिक मात्रा में है। यदि गलती से भी ये राख पानी, जमीन या फसलों में मिल जाए तो आने वाली कई पीढ़ियां कैंसर सहित कई घातक बीमारियों से जूझेगी। कोर्ट ने कहा कि 20 नवंबर से पहले राज्य सरकार को ऐसी जगह ढूंढनी है जहां आबादी, वन और जल ना हो, ऐसी जगह पर इस राख को नष्ट करने के निर्देश दिए गए है। पारस जैन का इंदौर ही नहीं पूरे एमपी सहित देशभर में जागरूक लोग व इंदौर और आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए आभार जता रहें है। एक युवा ने तो यहां तक कहा कि पारस जैन जैसे युवा ही है, जिनके कारण देश बचा है।




