






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 अक्टूबर 2024। क्षेत्र के युवा विभिन्न क्षेत्रों में अपना लोहा मनवाते हुए प्रशासन से लेकर आर्मी में अपनी पूरी दखल बढ़ा रहें है। न्याय के क्षेत्र में भी श्रीडूंगरगढ़ का रूतबा बढ़ रहा है। यहां की बेटियां कड़ी मेहनत के दम पर सफलता के नए आयाम गढ़ रही है। कस्बे में बिल्कुल साधारण परिवार की युवती महिमा पुत्री रेखा हनुमानमल दुगड़ ने मेहनत के बल पर स्वर्णिम सफलता की नई कहानी लिखी है। महिमा ने आरजेएस परीक्षा -2024 में सफलता हासिल कर न्यायाधीश बन गई है। महिमा ने 23 जून को प्री परीक्षा दी व 31 अगस्त व 1 सितंबर को आयोजित मुख्य परीक्षाओं में शामिल होकर सफल हुई। जोधपुर में न्यायाधीशों के पैनल द्वारा 24 अक्टूबर 2024 को महिमा का साक्षात्कार लिया गया। रविवार को आए परिणामों में कुल 222 पदों के लिए हुई इस भर्ती में महिमा ने 91वें रैंक पर सफलता हासिल की है। महिमा ने टाइम्स से बातचीत में बताया कि वे अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता, परिजनों व गुरूजनों को देना चाहेगी। वहीं उनकी सफलता की खबर मिलने के साथ ही तेरापंथ समाज में उत्साह की लहर दौड़ गई है। महिमा के मामीसा मंजू झाबक व पूर्णिमा झाबक ने उनके घर पहुंच कर उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी। झाबक ने महिमा को जज बनने पर खूब बधाई देते हुए प्रसन्नता प्रकट की है। दादी कंचन देवी ने चार बहनों में तीसरे नबंर की लाडली महिमा को शुभ आशीष देकर गर्व जताते हुए कहा कि महिमा बचपन से ही मेहनती थी और हमें भरोसा था वो एक दिन बड़ी सफलता हासिल करेगी। महिमा ने तेरापंथ समाज के कन्या मंडल में निष्ठा पूर्वक अनेक सामाजिक दायित्व निभाए है। तेरापंथ सभा अध्यक्ष सुशीला पुगलिया, तेरापंथ युवक परिषद के मनीष नोलखा ने भी बधाई देते हुए गर्व जताया है। बता देवें गत दो वर्षों से महिमा ने वरिष्ठ अधिवक्ता बाबूलाल दर्जी के निर्देशन में श्रीडूंगरगढ़ कोर्ट में बतौर वकील अपनी सेवाएं भी दी है। दर्जी ने महिमा को बधाई दी है। उनके अनेक साथी वकीलों व समाज के लोग भी उन्हें शुभकामनाएं दे रहें है।





