September 5, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 सितंबर 2026। नगरपालिका चुनाव अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। मतदान में महज पांच दिन शेष हैं और इन पांच दिनों में चुनावी माहौल के कई रंग नजर आएंगे। पार्टियों की न केवल नीतियां बल्कि वादे भी समान है, परंतु 2026 में प्रत्याशी अपनी भूमिका बदलने को मजबूर नजर आ रहें। आमजन की जागरूकता के चलते तीखे सवालों की चुनौती स्वीकार कर प्रत्याशियों को जवाबदार बनना पड़ रहा है। हालांकि जनता की जागरूकता बड़ी पार्टियों के लिए चिंता का विषय भी है। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे शहर का सियासी रंग गहराने लगा है।
प्रत्याशियों की नजर अब हर मतदाता तक पहुंचने और अपने पक्ष का माहौल बनाने पर है।
मैदान में जनसंपर्क और मोबाइल स्क्रीन पर सोशल मीडिया—दोनों मोर्चों पर चुनावी जंग तेज हो गई है। इस चुनाव में एक जंग सोशल मीडिया पर भी लड़ी जा रही है। फेक आइडी बनाना, उससे मैसेज करना, विरोधी की आईडी को रिपोर्ट करने के हथकंडे अपनाए जा रहें है। प्रत्याशी स्वयं, परिवार व समर्थक वीडियो, फोटो, जनसंपर्क की तस्वीरें लगा रहें है। वहीं पुराने धूंरधर काम और चुनावी दावे भी मीडिया पर करते नजर आ रहें है। पोस्ट, वीडियो, मैसेज के जरिए मतदाता का मूड भांपने के प्रयास हो रहें है।
परंतु सोशल मीडिया की इस लड़ाई का असली इम्तिहान मतदान के दिन होगा। ऑनलाइन दिखने वाली भीड़ और समर्थन को वोट में बदलना ही प्रत्याशियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। यही वजह है कि सोशल मीडिया प्रचार के साथ अब घर-घर संपर्क, छोटी बैठकें और व्यक्तिगत बातचीत भी तेज हो गई है। आने वाले दिन सिर्फ चुनावी प्रचार के नहीं, बल्कि रिश्तों, वादों, दावो और दांव-पेचों के भी होंगे। हर प्रत्याशी और हर खेमे का लक्ष्य एक ही—किसी भी तरह जनता को अपने पक्ष में कर सके।
रूठों को मनाने के लिए पदों का लालच?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। टिकट नहीं मिलने से नाराज और भीतरी बगावत की राह पर खड़े चेहरों को मनाने का दौर भी तेज होगा। कहीं पद और जिम्मेदारियों का भरोसा, तो कहीं राजनीतिक भविष्य संवारने के संकेत देकर रूठों को साधने की कोशिश शुरू हो गई है। चुनावी गणित में एक-एक चेहरा और एक-एक वोट महत्वपूर्ण हो गया है।
अब हर घर जरूरी हर दरवाजा महत्वपूर्ण
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जैसे-जैसे मतदान नजदीक आएगा, चुनावी प्रचार तेज होगा। बड़ी सभाओं और भीड़ के बजाय घर-घर संपर्क, व्यक्तिगत मुलाकातें और छोटे समूहों में बैठकों पर जोर बढ़ेगा। इन छह दिनों में एक-एक वार्ड में सभी प्रत्याशी एक एक गली ही नहीं अपने वार्ड के एक एक घर तक पहुंचेगे और वोट मांगेगे। एक एक वोट की गिनती की जा रही है। छोटे वार्डों में वोटों का मंथन शुरू हो गया है और बड़े वार्डों में जनसंपर्क तेज किया जा रहा है।
बूथ स्तर पर सक्रिय किए कार्यकर्ता।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजनीतिक दलों ने बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ा दी है। समर्थकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। आखिरी दिनों में मुकाबला और ज्यादा नजदीकी होने की संभावनाए है। सोशल मीडिया पर प्रचार अपने चरम पर होगा, जबकि जमीन पर प्रत्याशी यह जानने की कोशिश करेंगे कि कौन उनके साथ है, कौन असमंजस में है और कौन अंतिम समय में अपना फैसला बदल सकता है। आखिर में पोस्ट नहीं, प्रचार नहीं और भीड़ नहीं—मतदान केंद्र की मुहर ही बताएगी कि मतदाता ने किसे चुना और किसके दावों पर भरोसा किया.?