





श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 मई 2026। मुनि धनंजय कुमार की दीक्षा के 50 वर्ष पूरे होने पर रविवार को महाप्रज्ञ चेतना विकास इंस्टिट्यूट व सिंघी परिवार द्वारा दीक्षा स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया गया। श्वेतांबर तेरापंथ के नौवें आचार्य और महान आध्यात्मिक गुरु आचार्य तुलसी द्वारा दीक्षित मुनि धनंजय के सान्निध्य में आयोजित समारोह में मुनि ने वैराग्य पथ के कठिन मार्ग पर चलने का बीजारोपण बालपन में ही होने की बात कही। उन्होंने बचपन से अपनी वैराग्य यात्रा की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि दुख दर्द या कष्ट से नहीं उन्होंने वैराग्य भाव से आचार्य तुलसी के वरद हस्त का सिर पर होने से अपनाया। मुनि जी ने ज्ञानशाला से संस्कार पड़ने और आचार्य तुलसी से हुई मुलाकात की कथा सुनाई। मुनि ने कहा कि दुनिया मानती है कि जैन मुनि का जीवन कठिन है, ये संत मार्ग विरला है और साहस के साथ इस पर आगे बढ़ना होता है। उन्होंने मानव जाति को अनुशासन व संयम से जीवन पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुनि ने अपने गुरूजनों, प्रेरकों व सहायकों प्रति कृतज्ञता जताते हुए उपस्थिति जनसमूह को आशीर्वाद दिया।
नेताओं ने संत परंपरा को किया नमन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ओसवाल पंचायत भवन में आयोजित दीक्षा स्वर्ण जयंती समारोह में विधायक ताराचंद सारस्वत ने सिंघी परिवार द्वारा प्रशासनिक सेवाओं में राष्ट्र के सहयोगी बनने के साथ मुनि धनजंय के रूप में समाज को आध्यात्मिक बल देने की बात कहते हुए आभार जताया। विधायक ने कहा कि संत समाज अनुशासन और संस्कार सीखाता है जिससे समाज व देश प्रगति करता है। विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने मुनि धनंजय के चीरायु होने की शुभकामनाएं देते हुए समाज का मार्गदर्शन करने की बात कही।
ये रहें मंचासीन, शामिल हुए प्रबुद्धजन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। समारोह में रिटायर्ड आईएएस लालचंद सिंघी, रिटायर्ड आरईएस माणक सिंघी, साधिका अमृत प्रज्ञा, वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार दीपचंद सांखला तथा श्री ओसवाल पंचायत अध्यक्ष विनोद भादानी मंचासीन रहें। साध्वी अमृत प्रज्ञा ने मुनि धनंजय को उत्तरोत्तर आध्यात्मिक उन्नति की शुभकामनाएं दी। वक्ताओं ने जैन धर्म, आचार्यों की शिक्षाओं व मुनि धनंजय के साहित्यक योगदान के बारे में विस्तृत विचार रखें। समारोह का मंच संचालन साहित्यकार रवि पुरोहित ने किया। पांचीलाल सिंघी ने विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रियता से योगदान दिया। समारोह में सिंघी परिवार व परिजनों ने गीतिकाओं व विचार अभिव्यक्ति के माध्यम से भाव व्यक्त किए। कार्यक्रम में साहित्यकार श्याम महर्षि, पालिका पूर्व अध्यक्ष लीलाधर बोथरा, हनुमानमल श्यामसुखा, पार्षद भरत सुथार, बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट ललित कुमार मारू, राजेंद्र सोनी, तोलाराम मारू, एडवोकेट बाबूलाल झेडू, प्रकाश सिंघी, तुलसीराम चौरड़िया, सुमेरमल सिंघी, मूलचंद, डालचंद, मोहनलाल भंसाली, विमल भाटी, तिलोकचंद हीरावत, डॉ अरिहंत सिंघी, मालचंद तातेड़, सुनील जैन, विमल पुगलिया, कुसाग्रह सिंघी, भूरामल श्याम सुखा, बंशीलाल झाबक सहित अनेक प्रबुद्धजन शामिल हुए।
मुनि धनंजय द्वारा रचित पुस्तकों का लोकार्पण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। समारोह में मुनि धनंजय द्वारा रचित बोधि सूत्र, प्रसाद अचिंतन का, आध्यात्मिक जीवन सूत्र तथा समृद्ध संस्कृति सुंदर परिवार का लोकार्पण किया गया। पुस्तकों का लोकार्पण विधायक ताराचंद सारस्वत व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त रामगोपाल सुथार ने किया। कार्यक्रम में दीपचंद सांखला के सहयोग की सराहना करते हुए उनका आभार जताया।















