August 29, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 मार्च 2023। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के किसानों की फसलों को जहां जंगली सुअरों का खतरा बढ़ता जा रहा है वहीं दूसरी और किसानों की जान पर बन आने की स्थिति जंगली मधुमक्खियों के हमलों में हो रही है। क्षेत्र के गांव सोनियासर, बाना, ऊपनी सहित कई जगहों पर जंगली मधुमक्खियों के झुंड बड़ा बवाल कर रहा है। जंगलों, सिंचित खेतों एवं रोही में इन मधुमक्खियों की आबादी पिछले दो वर्षों में अत्यधिक बढ़ गई है। अब तो आए दिन इन मक्खियों का हमला किसानों पर होने लगा है। क्षेत्र के गांव बाना की रोही में तो हालात इस कदर हो गए कि किसान परिवार को अपनी जान बचाने के लिए अपनी सरसों की फसल को ही जलानी पड़ी। बाना रोही में अपने खेत में कृषि ट्यूबवेल बना कर काश्त करने वाले ओमप्रकाश मेघवाल का पूरा परिवार अपने खेत में ही रहता है। उसके खेत में कई पेड़ों पर जंगली मधुमक्खियों ने झुंड बना लिए है एवं उस पेड़ के पास जाते ही हमला कर रही है। 15 मार्च की सुबह परिवार सहित सरसों की कटाई में लगे हुए थे तभी मधुमक्खियों ने हमला कर दिया एवं परिवार के छोटे बड़े सभी सदस्यों को काटने लगी। परिवार बचने के लिए काट कर एकत्र की गई सरसों के ढेर में छिप गया लेकिन मधुमक्खियां कम नहीं हुई तो आखिरकार काटी हुई सरसों की दो ढेरियों को जलाना पड़ा। आग की गर्मी से मक्खियां वहां से पुन: अपने झुंड की ओर गई। मधुमक्खियों के हमले में ओमप्रकाश सहित उसके परिवार के नेतराम, छोटूराम, आसाराम, नानूदेवी, द्रोपदी, पाना देवी, प्रियंका आदि घायल हो गए। सभी को निकटतम चिकित्सालय बाना लेकर गए और वहां प्राथमिक उपचार के बाद श्रीडूंगरगढ़ चिकित्सालय लेकर आए। हालांकि कोई भी गंभीर घायल नहीं हुआ है लेकिन बाना की ख्याणी रोही में करीब पांच-छह ढाणियों के किसान अभी भी इस खतरे के साये में ही जी रहे है। किसानों ने प्रशसान से संज्ञान लेने की मांग की है एवं तेज गति से बढ़ी मधुमक्खियों पर नियंत्रण की मांग की है। वहीं दूसरी और इन घायलों का उपचार करने वाले श्रीडूंगरगढ़ चिकित्सालय के डाक्टर दिनेश पडिहार ने बताया कि इन दिनों मधुमक्खियों के हमले में घायल होकर चिकित्सालय पहुंचने वाले रोगियों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। गांव बाना की रोही में घायल हुए किसान परिवार के 8-10 जनों का उपचार भी किया गया था। हालांकि अत्यंत गंभीर स्थिति नहीं होने पर श्रीडूंगरगढ़ चिकित्सालय में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी। लेकिन मधुमक्खियों का हमला खतरनाक साबित हो सकता है। पड़िहार ने कहा कि कमजोर इम्युनिटी के व्यक्ति पर अधिक मात्रा में मधुमक्खियों के डंक लगे तो रिएक्शन से मृत्यु तक हो सकती है। जरूरत है कि किसान इस संबध में सावधानियां बरते।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इन पेड़ों पर छिपी रहती है जंगली मधुमक्खियां, सामान्य मधुमक्खियों से होता है काफी बड़ा शरीर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए जलानी पड़ी सरसों की कटी हुई फसल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। घायल हुआ किसान परिवार।