August 30, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 अक्टूबर 2024। अपने गांव में सामूहिक निर्णय के साथ शराब बंदी करवाने के लिए गांव धीरदेसर चोटियान के ग्रामीण अपने निर्णय पर अडिग है एवं हर हाल में शराबबंदी करवाने का संकल्प दोहरा रहें है। ग्रामीणों द्वारा शराब ठेके के विरोध में धरने के 37वें दिन धरनास्थल पर उपखण्ड अधिकारी के निर्देशों के बाद नायब तहसीलदार महावीरसिंह गोस्वामी, गिरदावर शंकरलाल जाखड़ प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में धरने पर पहुंचें एवं ग्रामीणों से समझाईश की। लेकिन ग्रामीणों ने एक स्वर में शराबबंदी के खिलाफ ग्रामसभा में लिए गए मतदान के प्रस्ताव पर कायम रहने की बात दोहराई व जल्द से जल्द मतदान करवाने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन पर ग्रामीणों की मांग को हल्के में लेने पर रोष भी जताया। धरने पर एडवोकेट श्याम सुन्दर आर्य, सरंपच रामचन्द्र चोटिया, पूर्व सरपंच मेघराज चोटिया, पूर्व सरपंच बजरंगलाल चोटिया, पूर्व सरपंच तिलोक, आदूसिंह, लिछमणसिंह, भैराराम, मोहन नाई, ग्वालाराम, प्रभुराम चोटिया, वार्ड पंच मुन्नीराम, रामकरण सहू, तोलाराम, नौरंगलाल चोटिया, रामुराम, भंवरलाल, बलवीर, भागीरथ, तेजाराम मेघवाल, ताजाराम मेघवाल, श्यामसिंह, भरत सिंह, मोहनराम, लालचंद, केसराराम, कुसलाराम, हनुमानाराम, मुन्नीराम, मनफूल, किशनाराम चोटिया, मांगीलाल, खिराजाराम, सांवरमल सहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपना रोष जताया।
वर्तमान ठेके में यह चल रही है अनियमितताएं।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र के गांव धीरदेसर चोटियान में पहले गांव कुंतासर में चल रहे ठेके की अवैध ब्रांच संचालित होती थी लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद ठेकेदार द्वारा इस वर्ष के ठेकों के दौरान गुपचुप तरीके से अपनी लोकेशन गांव धीरदेसर चोटियान में करवा ली गई। इसके बाद ग्रामीणों ने व्यापक स्तर पर शराब ठेके के विरोध में अपना गांधीवादी तरीके से आंदोलन शुरू किया है। वर्तमान में भी जो ठेका गांव में खोला हुआ है उसमें भी कई अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ रोष जता रहे है। बुधवार को प्रशासन के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने अपने साथ ले जाकर शराब ठेके का मुआयना करवाया। इस दौरान शराब की दुकान पर ठेकेदार का नाम अनुज्ञाधारी व अनुज्ञा पत्र संख्या व तारीख आदि की जानकारी संबधी कोई भी बोर्ड नहीं लगे होने। शराब दुकान का पट्टा कॉमर्शियल नहीं होने की जानकारी भी मिली। इस शराब की दुकान के पास ही हनुमानजी का मन्दिर, स्कूल, खेल मैदान, अनुसूचित जनजाति की बस्ती होना भी पाया है। इतनी अनियमितताएं होने के बाद भी आंखें मूंद कर ठेका स्वीकृत करने पर ग्रामीणों ने आबकारी विभाग के कार्मिकों पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया एवं नियमविरूद्ध ठेके की लोकेशन पास करने वाले आबकारी अधिकारियों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लंबी चली वार्ता में ग्रामीणों ने अडिग रहने का फैसला सुनाते हुए, शराबबंदी की मांग की।