






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 अप्रैल 2025। नए वित्तीय वर्ष के आगाज के साथ राजस्थान के ग्रामीण बैंकिंग क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। भारत सरकार के 07 अप्रैल के गजट नोटिफिकेशन से राजस्थान में कार्यरत दो ग्रामीण बैंक “बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक” व “राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक” का सम्मामेलन कर एक नई ग्रामीण बैंक “राजस्थान ग्रामीण बैंक” का गठन भारत सरकार द्वारा किया है। जिसका प्रधान कार्यालय जयपुर होगा तथा प्रवर्तक बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया होगा।
बैंक इम्प्लॉयी फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (BEFI) के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव भंवरलाल कड़वासरा के अनुसार दोनों ग्रामीण बैंक के विलय के बाद नई स्थापित राजस्थान ग्रामीण बैंक की 1633 शाखाओं में लगभग 6500 कर्मचारियों तथा एक लाख करोड़ से अधिक व्यवसाय के साथ संचालित होगा। विलय के बाद दोनों की सरंचना को एकीकृत किया जाना है इससे बैंक की लागत में कमी आने के साथ साथ मॉनिटरिंग प्रक्रिया बेहतर होगी। ऑफिसर्स एसोसिएशन अरेबिया के महासचिव जितेंद्र भींचर ने बताया कि ग्रामीण बैंकों का मुख्य उद्देश्य लघु व सीमांत किसानों, कृषि मजदूरों एवं छोटे कामगारों को ऋण व बैंकिंग सुविधाएं प्रदान कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इसके साथ ही ग्रामीणों में बचत को प्रोत्साहित करना निधियों का उपयोग उत्पादक उद्देश्यों के लिए करना है। संगठन के प्रवक्ता अनिल कुमार सैनी ने बताया की अरेबिया की माँग रही है कि देश की सभी ग्रामीण बैंकों को मिलाकर भारतीय राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक (NRBI) की स्थापना की जाये उसी दिशा में भारत सरकार का ये कदम स्वागत योग्य है ।राजस्थान की नवस्थापित राजस्थान ग्रामीण बैंक में में 50% हिस्सेदारी भारत सरकार, 35% हिस्सेदारी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया व 15 हिस्सेदारी राजस्थान सरकार की होगी।
श्रीडूंगरगढ़ में है 14 शाखाएं, आमजन को लाभ मिलने की उम्मीद।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बैंक का उद्देश्य लघु व सीमांत किसानों, कृषि मजदूरों एवं छोटे कामगारों को ऋण व बैंकिंग सुविधाएं प्रदान कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना रखा गया है। साथ ही ग्रामीणों बचत को प्रोत्साहित करने के प्रयास भी किए जाएंगे। बता देवें श्रीडूंगरगढ़ अंचल में इन बैंकों की 14 शाखाएं है जिनपर आमजन को लाभ मिलने की उम्मीदें भी प्रबल हो गई है। श्रीडूंगरगढ़ शहर में दो शाखाएं और मोमासर, आड़सर, उदरासर, तोलियासर, गुसांईंसर बड़ा, लखासर, शेरूणा, सांवतसर, बाना, जाखासर, धनेरू व कीतासर में स्थित है।




