May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 अक्टूबर 2024। तेरापंथ भवन धोलिया नोहरा में 25 दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा एंव योग शिविर का गुरूवार को समारोह पूर्वक उद्घाटन हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि विधायक ताराचंद सारस्वत ने योग व प्राकृतिक चिकित्सा को भारतीय परंपरा बताया। उन्होंने कहा कि यहां की सभ्यता में ऋषि मुनियों द्वारा प्रदत प्राकृतिक चिकित्सा व योग आधारित विज्ञान का महत्व आधुनिक युग में पश्चिम भी समझने व जानने लगा है और ये ईलाज के लिए ये सर्वोत्तम विधि है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने कहा कि हम सभी एकमत से भगवान कृष्ण द्वारा बताए योग व प्राकृतिक जीवन के मार्ग को स्वीकार करते है। आज इसे जीवन में धारण करने का समय आ गया है। समारोह के मुख्य वक्ता वरिष्ठ प्राकृतिक चिकित्सक सीताराम पारीक ने प्रकृति के साथ रहना ही स्वस्थ रहने का मार्ग बताया। पारीक ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा दवा रहित चिकित्सा है जो आधुनिक जीवनशैली जनित बीमारियों के लिए इसमें बदलाव की दरकार बताती है। उन्होंने कहा कि ये चिकित्सा रोगी को आचार-विचार, रहन-सहन के साथ प्राकृतिक ढंग से स्वस्थ बनाती है। मुख्य वक्ता योग गुरू ओम कालवा ने योग का महत्व बताते हुए कहा कि योग कहने सुनने या चितंन मनन का नहीं वरन व्यवहार में लागू करने का विधान है। कालवा ने कहा कि शरीर को स्वस्थ व निरोग रखने के लिए योग ही श्रेष्ठ माध्यम है। विशिष्ट अतिथि सीओ निकेत पारीक, तहसीलदार राजवीरसिंह कड़वासरा, समाजसेवी श्रीगोपाल राठी व निर्मल डागा सहित जीव जतन जन कल्याण ट्रस्ट के मुख्य न्यासी जतनलाल पारख ने भी योग व प्राकृतिक चिकित्सा का महत्व बताया। मंचस्थ अतिथियों का स्वागत सम्मान किया गया तथा स्वागत उद्बोधन भीखमचंद पुगलिया जयपुर ने दिया। सभी अतिथियों व गणमान्य नागरिकों का आभार आचार्य तुलसी महाप्रज्ञ साधना संस्थान के अध्यक्ष हेमराज पुगलिया ने दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए विजयराज सेवग ने योग व प्राकृतिक चिकित्सा का महत्व समझाया। सभी वक्ताओं ने शिविर में सहयोगी धर्मचंद्र भीखमचंद पुगलिया चेरिटेबल ट्रस्ट श्रीडूंगरगढ़ कोलकाता का क्षेत्र में इस सेवा सहयोग के लिए आभार जताया। इस दौरान समारोह में भाजपा ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष विनोदगिरी गुसाई, सूर्यप्रकाश गांधी तुलसीराम चोरड़िया, आनंद पारख, केएल जैन, साहित्यकार श्याम महर्षि, एडवोकेट भरतसिंह राठौड़, भंवर भोजक, सुशील सेरड़िया, विनोद भादानी, प्रदीप पुगलिया, एडवोकेट रणवीरसिंह, महावीरप्रसाद अड़ावलिया, लीलाधर बोथरा, हेमनाथ जाखड़, थानमल भाटी सहित बड़ी संख्या में मौजिज लोग शामिल हुए।
बड़ी संख्या में होते है रोगी लाभान्वित।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वरिष्ठ प्राकृतिक चिकित्सक सीताराम पारीक व योग गुरू ओम कालवा की देख रेख में गत वर्ष भी इस शिविर में सैंकड़ो रोगियों ने स्वास्थ्य लाभ लिया था। पारीक ने बताया हवा, पानी, मिट्टी, अग्नि व आकाश तत्व से बने शरीर में इन्हीं के माध्यम से बिना दवा गोली चिकित्सा की जाएगी। शिविर में शरीर के अंदर और बाहर से सफाई की जाती है। सारे रोम छिद्र खोले जाते हैं। विजातीय द्रव्य बाहर निकाले जाते हैं। वहीं योग से विभिन्न रोगों से राहत के साथ शरीर को स्वस्थ रखने की विधा सिखाई जाती है। आयोजक ट्रस्ट ने नागरिकों से शिविर का लाभ लेने का आह्वान किया है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग शिविर का अतिथियों ने किया उद्घाटन, सेवा में सहयोगी ट्रस्ट का जताया आभार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अनेक गणमान्य नागरिक हुए उद्घाटन समारोह में शामिल।