






श्री डूंगरगढ़ टाइम, 02 नवम्बर 2022।
🚩श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 02 – Nov – 2022
☀ Sri Dungargarh, India
☀ पंचांग
🔅 तिथि नवमी 09:12 PM
🔅 नक्षत्र धनिष्ठा +01:44 AM
🔅 करण :
बालव 10:07 AM
कौलव 10:07 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग गण्ड 10:26 AM
🔅 वार बुधवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:45 AM
🔅 चन्द्रोदय 02:20 PM
🔅 चन्द्र राशि मकर
🔅 चन्द्र वास दक्षिण
🔅 सूर्यास्त 05:49 PM
🔅 चन्द्रास्त +01:26 AM
🔅 ऋतु हेमंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत
🔅 कलि सम्वत 5124
🔅 दिन काल 11:03 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2079
🔅 मास अमांत कार्तिक
🔅 मास पूर्णिमांत कार्तिक
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित कोई नहीं
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 11:55 AM – 12:39 PM
🔅 कंटक 04:20 PM – 05:04 PM
🔅 यमघण्ट 08:58 AM – 09:42 AM
🔅 राहु काल 12:17 PM – 01:40 PM
🔅 कुलिक 11:55 AM – 12:39 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 07:29 AM – 08:14 AM
🔅 यमगण्ड 08:08 AM – 09:31 AM
🔅 गुलिक काल 10:54 AM – 12:17 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
📜 चोघडिया 📜
🔅लाभ 06:45:34 – 08:08:32
🔅अमृत 08:08:32 – 09:31:29
🔅काल 09:31:29 – 10:54:26
🔅शुभ 10:54:26 – 12:17:23
🔅रोग 12:17:23 – 13:40:20
🔅उद्वेग 13:40:20 – 15:03:17
🔅चल 15:03:17 – 16:26:14
🔅लाभ 16:26:14 – 17:49:11
🔅उद्वेग 17:49:12 – 19:26:20
🔅शुभ 19:26:20 – 21:03:28
🔅अमृत 21:03:28 – 22:40:36
🔅चल 22:40:36 – 24:17:44
🔅रोग 24:17:44 – 25:54:52
🔅काल 25:54:52 – 27:32:00
🔅लाभ 27:32:00 – 29:09:08
🔅उद्वेग 29:09:08 – 30:46:16
❄️ लग्न तालिका ❄️
🔅 तुला चर
शुरू: 05:37 AM समाप्त: 07:56 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 07:56 AM समाप्त: 10:15 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 10:15 AM समाप्त: 12:20 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 12:20 PM समाप्त: 02:03 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 02:03 PM समाप्त: 03:31 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:31 PM समाप्त: 04:57 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 04:57 PM समाप्त: 06:33 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 06:33 PM समाप्त: 08:29 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:29 PM समाप्त: 10:44 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 10:44 PM समाप्त: अगले दिन 01:04 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: अगले दिन 01:04 AM समाप्त: अगले दिन 03:21 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 03:21 AM समाप्त: अगले दिन 05:37 AM
अक्षय,(आंवला) नवमी
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जो कोई भी इंसान अक्षय नवमी या आंवला नवमी के दिन आंवला के पेड़ की पूजा करते हैं उनपर माँ लक्ष्मी अवश्य प्रसन्न होती हैं और उनकी समस्त मनोकामना भी अवश्य पूरी करती हैं। ऐसी मान्यता है कि आंवला के पेड़ में साक्षात भगवान विष्णु वास करते हैं लेकिन अक्षय नवमी के दिन इस पेड़ में अन्य सभी देवताओं का भी वास माना गया है। यानी कि अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ के पूजन से सभी देवी देवताओं की पूजा के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026



