






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 जुलाई 2020। सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नगरीय निकायों के साथ वीडियो कांफ्रेंस की थी एवं इस वीसी में सफाई कार्मिकों को भी शामिल किया गया था। वीसी में मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण रोकने में सफाईकार्मिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कलेक्टरों एवं सभी अफसरों को कठोरता के साथ निर्देश दिए थे कि कोई भी सफाईकर्मी चैम्बर में उतर कर सफाई नहीं करे एवं सफाईकार्मिकों को मास्क, दस्ताने, सैनेटाईजर सहित अन्य सुरक्षा उपकरण भी मुहैया करवाने को कहा गया। मुख्यमंत्री के ये आदेश आज मंगलवार को सभी अखबारों में बड़ी हैडलाईनों के साथ फ्रंट पेज पर भी छपे है लेकिन क्षेत्र में इन आदेशों को आज पहले दिन ही हवा में उड़ा दिया गया। नेशनल हाईवे पर सड़क के साथ बने नालों की सफाई लंबे समय से नहीं हुई एवं इस कारण आस पास के लोगों को सडांध में रहना पड़ रहा है। सड़क के साथ के नालों की सफाई की जिम्मेवारी टोल कम्पनी की है एवं टोल कम्पनी द्वारा सफाई का ठेका भी किया हुआ है। मंगलवार सुबह ठेकेदार द्वारा सफाई कार्मिकों को इन बड़ी नालियों, चैम्बरों के अंदर उतार कर सफाई करवाना शुरू कर दिया है। बिना मास्क, बिना दस्ताने एवं बिना सैनेटाइजर के इन सफाईकार्मिकों को नालियों, चैम्बरों के अंदर उतार देने पर क्षेत्र के दलित नेता एवं बसपा उड़ीसा राज्य के प्रभारी चंपालाल तुनगरिया ने रोष जताया। तुनगरिया मौके पर पहुंचे एवं ठेकेदार को फोन कर सरकार के आदेशों का उलंघ्घन करने का दोष दिया तो ठेकेदार ने बात करने के बजाए सफाई कार्मिकों को ही वहां से बुला लिया। ऐसे में सफाई का कार्य भी अधूरा रह गया एवं सफाईकार्मिकों को शोषण भी सहना पड़ा। तुनगरिया ने इस संबध में प्रशासन से संज्ञान लेकर ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है।



