






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 अक्टूबर 2023। धर्म पर जब अंधविश्वास व सांप्रदायिकता का आवरण आ जाता है तो वह विष बन जाता है और प्रेम सौहार्द से धर्म पर अमृत बन जाता है। ये बात आज डॉ साध्वी सपूर्णयशा जी ने अणुव्रत समिति द्वारा आयोजित उद्बोधन सप्ताह के प्रारंभ दिवस पर कही। आज साम्प्रदायिक सौहार्द दिवस के रूप में मालू भवन में अनेक धर्मों के दिवस ने मनाया। साध्वीजी ने कहा कि सभी धर्मों की उपासना पद्धति अलग अलग होती है। लेकिन उपासना से किसी अन्य के धर्म को ठेस नही पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाकर रखने के प्रयासों की भी महत्ती आवश्यकता है और आचार्य तुलसी ने सभी सम्प्रदायों को एक छत के नीचे लाने के लिए अणुव्रत की शुरुआत की थी। कार्यक्रम में जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष विजयराज सेठिया ने कहा कि अणुव्रत मानव धर्म है और संकीर्णता व द्वेष भावनाओं से ऊपर उठकर हर धर्म व जाति का व्यक्ति अणुव्रती हो सकता है। इस दौरान साहित्यकार श्याम महर्षि, मुख्य वक्ता रूपचंद सोनी, श्यामसुंदर आर्य व कार्यक्रम प्रभारी तुलसीराम चोरड़िया ने विचार व्यक्त किया। अणुव्रत समिति के अध्यक्ष सुमति पारख ने बताया कि साप्ताहिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में कल सोमवार को अंहिसा दिवस मनाया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन तेयुप अध्यक्ष मनीष नोलखा ने किया और समिति उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी ने आभार व्यक्त किया।
इनका हुआ सम्मान
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष सुमति पारख ने श्यामसुंदर आर्य, श्याम महर्षि, रुघनाथ सैनी, श्रवणकुमार सिंधी, मांगीलाल दर्जी, चंपालाल रैगर, प्रमोद शर्मा, विमल भाटी, करणीसिंह बाना, काशीराम भार्गव, मो.रज्जाक, सूर्यप्रकाश गांधी, गोपाल राठी व भंवर भोजक को साहित्य भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान अशोक वेद, विजय महर्षि, सुशील सेरडिया, शुभकरण पारीक,मनोज गुसाईं सहित अलग-अलग धर्म-सम्प्रदाय के नागरिक उपस्थित रहे।





