






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 अक्टूबर 2023। विधानसभा चुनाव- 2023 के मतदान के लिए आज से 28 दिन शेष है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स द्वारा प्रतिदिन विशेष कवरेज “सत्ता का संग्राम” टाइम्स के सभी पाठकों के लिए चुनाव की काऊंडाउन के साथ लगातार प्रस्तुत की जा रही है। प्रतिदिन शाम को एक अंदरखाने की खबर के साथ क्षेत्र की चुनावी चर्चा पाठकों के समक्ष रखी जाएगी। इसी क्रम में पढ़ें आज की टिप्पणी।
“पांच साल रहे अपने, अब बोल बेगानों से” समीकरणों से भी तेज बदलते दिलों ने बढ़ाई प्रत्याशियों की धड़कनें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 अक्टूबर 2023। राजनीति अपनों और बेगानों के बीच चलने वाला वह युद्ध है जिसमें जीत हथियारों से नहीं बल्कि साथ देने वाले सिर की गिनती से मिलती है। आगामी विधानसभा चुनावों में जीत का सपना पाले क्षेत्र के भाजपा-माकपा के प्रत्याशी एवं कांग्रेस की टिकट की लिस्ट में लगे सभी नेता अपनों के बेगाने होने से परेशान है और सभी इस कोशिश में भी लगे है कि बेगानों को बोल कर अपना बना लिया जाए। लेकिन इस खेल में इन नेताओं से ज्यादा शातिर खिलाड़ी वे सामने आ रहे है जिनके दिल क्षेत्र में समीकरणों से भी तेज बदल रहें है। यहां भाजपा प्रत्याशी के साथ लंबे समय तक दिखने वाले उनके जाति बंधु को माकपा के मंच पर देखना हो या चाहे माकपा के साथ पांच सालों तक जुड़े रहने वाले युवा सरपंचों का मंच से नदारद रहना हो, चर्चा क्षेत्र में इन बदलते दिलों की खूब हो रही है। इसी प्रकार कांग्रेस के कई नेताओं के दिल बदलने या जुड़े रहने की स्थिति कांग्रेस की टिकट पर अटकी हुई है।
मूंछ की जंग में मूंछों पर ताव।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शनिवार को यहां मूंछ पर ताव वाले दो पूर्व सरपंचों का दिल भी शनिवार को बदला बदला सा नजर आया। शहर की एक ही कालोनी में पडौसी बन कर रहने वाले दो पूर्व सरपंचों का शनिवार को माकपा के मंच पर नहीं दिखना खासा चर्चा में रहा। कई जने पूछते नजर आए कि कहीं दिल तो नहीं बदल गया है। हालांकि इन सरपंचों के नहीं दिखने को इस बार मूंछो की लड़ाई भी मैदान में आने के कयास से जोड़ा जा रहा है।
दिल तो बच्चा है जी..
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इसी प्रकार पांच सालों तक सत्ता का सानिध्य लेने वाले क्षेत्र के लोकदेवता धाम के युवा सरपंच का भी इन दिनों दिल बदल गया और पुरानी पार्टी का प्रेम याद आ गया। अब ये युवा सरपंच के समक्ष ओर अधिक समस्या हो गई कि दिल आने के साथ ही दावेदारी भी कर दी। ऐसे में अब प्रत्याशी के साथ कैसे जाएं यह बड़ा सवाल युवा सरपंच के सामने है। अब दिल फिर से बदल जाए तो बुरा नहीं क्योंकि दिल तो बच्चा है जी..
दिल बहलाने, दिल बदलने को दिन भर घनघनाये फोन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शनिवार को माकपा का कार्यकर्ता सम्मेलन कहने को तो पार्टी की टिकट संबधी प्रोटोकाल के लिए हो परंतु इसे वर्तमान विधायक का शक्ति प्रदर्शन भी कहा जाए तो गलत नहीं होगा। ऐसे में इस सम्मेलन के अपने अपने हिसाब से मतलब निकाल कर दिल बहलाने एवं दिल बदलने वाले सम्मेलन के बाद खासे व्यस्त रहे। कईयों ने जहां अपने गुप्तचर भेज कर फोटो, वीडियो का जुगाड़ किया वहीं कईयों ने सम्मेलन में जाने वालों से, मीडियाकर्मियों सहित विभिन्न सेवाओं में जुटे कामगारों के फोन घनघनाये और बातों बातों में बात पूछकर माहौल का जायजा लिया।



