






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 जुलाई 2020। गुड़, मेवे, नारीयल, शुद्ध देसी घी में बनी 31 क्विंटल लापसी और उससे भरा ट्रेक्टर गांव में घूम रहा है। ये नजारा देखने को मिला है आज गांव लिखमादेसर में। गांव की गलियों में घूम रहे आजाद गोवंश और श्रीहंसोजी गौशाला में ये स्वादिष्ट लापसी युवाओं द्वारा सैंकड़ो गोवंश को खिलाई जा रही है। गांवो में ग्रामीण आजकल गौसेवा से जुड़ने लगे है। युवा तन मन से गायों की सेवा लिए जुटे रहते है और गौशालाओं में श्रमदान करते है। आज सोमवती अमावस्या के उपलक्ष में गांव लिखमादेसर की गोगामेड़ी में श्रीजसनाथ नवयुवक मंडल के युवाओं ने सभी ग्रामवासियों के आर्थिक सहयोग से 31 क्विंटल लापसी बना कर गायों को भोग लगाई। युवाओं ने 31 क्विंटल लापसी रविवार दिन भर आपसी श्रमदान से बनाई व इसे देर शाम को ट्रेक्टर में भरा। नवयुवक मंडल के युवाओं ने जानकारी दी कि वे ये सेवा अब निरन्तर प्रत्येक अमावस्या को जारी रखेंगे। ज्ञात रहें पिछली अमावस्या पर भी यहां युवाओं ने 15 क्विंटल लापसी बना कर गायों को खिलाई थी।
गांव बाडेला में सवा क्विंटल लापसी का भोग गायों को लगाया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आज सोमवती अमावस्या के उपलक्ष्य गांव बाडेला के युवाओं ने सवा क्विंटल लापसी बनाई और आज सुबह 6 बजे श्री गिरधर गोपाल गौशाला में गायों को खिलाई। बता देवें बाडेला के युवा निरंतर इस सेवा से जुटे है और गांव की गौशाला में श्रमदान भी करते है। आज श्रीडूंगरगढ़ में गोपाल गौशाला, जेतासर, गुसाईंसर बड़ा की गौशालाओं में भी गायों को चारा, गुड़, लापसी गौभक्तों द्वारा खिलाई जा रही है।
सोमवती अमावस्या को विशेष महत्व।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पंडित विष्णुदत्त शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों में गौशाला को जागृत तीर्थ माना गया है। और अमावस्या को गौसेवा और गौदर्शन से अनेकों पापों का कष्टों का निवारण होता है। सोमवती अमावस्या को गाय को गुड़ मिला भोग लगाने से व गौशाला की मिट्टी को माथे पर लगाने से दुर्भाग्य भी सौभाग्य में परिवर्तित हो जाता है इसलिए आज के दिन गौभक्त बड़ी संख्या में गौशालाओं में दान पुण्य करते है।











