






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 जनवरी 2024। मध्यकाल में दक्षिण भारत की भक्ति परंपरा का प्रसार पूरे उत्तर भारत में हुआ और भक्ति ने जन-जन का मन मोह लिया है। उसी भक्ति का प्रसार करने काशीमठाधीश सम्यमीन्द्रतीर्थ स्वामीजी महाराज श्रीडूंगरगढ़ पधारे है। उनके निर्देशन में आड़सर बास के माहेश्वरी भवन में तीन दिवसीय हवन पूजन बुधवार को प्रारंभ हुआ। पूजन शुक्रवार दोपहर 1 बजे पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा। स्वामीजी द्वारा दक्षिण भारतीय परंपरा के साथ वैदिक हवन करवाया जा रहा है। गूंजते मंत्रोच्चार व पूजन से भक्तिमय वातावरण में स्वामीजी ने पूरे समाज को एकात्मकता के भाव को मजबूत करने का संदेश दिया। आयोजन समिति के सुनील तावणीया ने बताया की ये आयोजन समाज को आध्यात्मिक रूप से एकता के सूत्र में बांधने व दक्षिण भारत की परम्परा से रूबरू होने के लिए आयोजित किया जा रहा है। सारस्वत नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में कस्बे से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहें है।




