May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 फरवरी 2024। रविवार को सन्डे मॉर्निंग पॉजिटिव स्टोरी में आज आप पढें और जाने श्रीडूंगरगढ़ शहर से एक ऐसे युवा के बारे में जिसने एक कठिन कला का मार्ग चुना और उसी में सफल होने के जुनून के साथ घण्टों, महीनों कड़ी मेहनत के दम पर अपनी पहचान कायम करने में जुटा है।
आडसर बास निवासी जयदीप सोलंकी पुत्र सुभाष सोलंकी आज बॉल पेन आर्ट में पहचाना जाने वाला नाम बन गया है। जयदीप सेसोमू स्कूल का छात्र रहा है और विद्यार्थी जीवन से ही पेंसिल आर्ट में रुचि के साथ स्केच बनाता रहा है। 12वीं की शिक्षा के बाद जयदीप ने बीकानेर व जयपुर से ग्राफिक्स डिजाइनिंग की शिक्षा ग्रहण की। वे वर्तमान में स्कूल ऑफ आर्ट्स, जयपुर में मास्टर डिग्री पूरी कर रहें है। हाल ही में जवाहर कला केंद्र में रिद्धि सिद्धि आर्ट ग्रुप के संयोजन में नेशनल आर्ट एक्जीबिशन का आयोजन किया गया जिसमें उनकी स्केच सबसे अधिक प्रिंट बेचे जाने वाली पेंटिंग रही। भगवान गणेश की ये पेंटिंग सर्वाधिक सराही गयी और इस कला के पारखी लोगों ने होम डेकोर के लिए इसे खरीदा। इस ऊर्जावान युवा ने श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स को बताया कि इस पेंटिंग को तैयार करने के लिए उन्होंने 4 महीने रोजाना 8 घण्टे से अधिक काम किया। जयदीप ने कहा कि भारत में इस आर्ट के कद्रदान कम है परंतु साउथ अफ्रीका में सबसे अधिक लोग इससे प्रेरित है।
जयदीप ने शांत लहजे में कहा कि बताया कि स्वयं की अलग पहचान बनाने के लिए तपना तो होगा ही। साधारण परिवार में पिता की मेहनत और तीन बड़ी बहनों व माता के स्नेह ने उन्हें सदैव प्रेरणा दी है। प्रोफेसन के तौर पर रिस्की क्षेत्र चुनने के बारे में जयदीप ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि फाइनेंशियल सिक्योरिटी से कहीं अधिक वे संतुष्टि को देते है और उनका मन व आत्मा इसी आर्ट की गलियों में संतुष्टि, शांति का अनुभव ढूंढ पाता है। मुस्कुराते हुए जयदीप ने कहा कि लाइफ ईजी नहीं चाहिए इसमे चैलेंज होने चाहिए। उनकी स्केच के प्रिंट बिकते देख कर पिता सुभाष ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा इस कला के बारे में वे ज्यादा नहीं जानते पर बेटे की मेहनत के बाद ऐसी चित्रकारी से पूरा परिवार प्रसन्न है। जयदीप ने अपने परिवार के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कहा कि कभी किसी ने पैसे कमाने का बोझ नहीं डाला और पूरी स्वतंत्रता के साथ मैंने अपने लिए ये मार्ग चुना तो परिवार ने हर कदम साथ दिया है। जयदीप ने अब तक अनेक ऑर्डर के काम किए है। अपने काम के बारे में उन्होंने कहा कि इसी मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा सेसोमू स्कूल के महेंद्र मालू सर से मिली है। नए चित्र बनाने की प्रेरणा किताबें पढ़ने से मिलती है। उन्होंने बताया कि वे अभी ऊर्जा, आत्मा, काल समय जैसे विषयों पर काम कर रहे है। वे पहले विचार को गढ़ते है और फिर अनेक फोटो खींचते है। उसके बाद उन अनेक फोटो को मेन्युप्लेट करते है। वे वेस्टर्न कल्चर की कला से भी प्रेरणा लेते है। अपने क्षेत्र के बड़े कलाकरों से बातचीत करते है। एआई का प्रयोग नही करते है। जयदीप ने कहा कि वे विज्ञान और अध्यात्म को एक दूसरे का पूरक समझते है और लोगों की सोच के साथ उसे जोड़कर देखने से भी आइडिया लेने का प्रयास करते है। जयदीप का अगला एक्जीबिशन नवम्बर माह में नेपाल में होगा जिसके लिए वे बहुत खूब उत्साहित है और मेहनत के लिए पूरी तरह से तैयार है।

अपने जुनून और लगन के साथ आगे बढ़ रहें क्षेत्र के युवक जयदीप को श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स शुभकामनाएं देता है और क्षेत्र के अन्य युवा भी उनसे कड़ी मेहनत की प्रेरणा ले सकें ये उम्मीद करता है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जयदीप सोलंकी ऊर्जा, आत्मा व काल समय पर काम कर रहें है, किताबों से मिलती है प्रेरणा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हाल ही में सर्वाधिक सुर्खियां बटोरी भगवान गणेश की इस पेंटिंग ने, इसके कई प्रिंट बेचे है जयदीप ने।