






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 मार्च 2024। 15 जनवरी को तत्कालीन संभागीय आयुक्त उर्मिला राजोरिया की दखल से बीकानेर से मोमासर वाया श्रीडूंगरगढ़, आड़सर रोडवेज बस चलाई गई। उपसरपंच जुगराज संचेती सहित ग्रामीणों ने फुलों से बस का स्वागत किया व ड्राइवर व कंडक्टर का सम्मान किया। परंतु ग्रामीणों को ये सुविधा मात्र डेढ माह ही मिल पाई। 1 मार्च से बस का संचालन रोडवेज ने बंद कर दिया है। यात्री भार नहीं मिलने की बात रोडवेज के जिम्मेदारों द्वारा कही जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बस के संचालन का रूट ही सही नहीं बनाया गया और ग्रामीण रूट पर बस के अभाव में कई गांवो के ग्रामीण बुरी तरह से परेशान है। लिखमादेसर सरपंच सरस्वती देवी सिद्ध के प्रतिनिधि राधेश्याम ज्याणी ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के मुख्य प्रबंधक से मुलाकात की और ज्ञापन देते हुए ग्रामीण रूट को सही रूप से बनाकर ग्रामीणों को राहत देने की मांग की है। ज्याणी ने कहा कि गांव आड़सर के मुख्य मार्ग पर होने के कारण यात्री भार नहीं मिलता। ज्याणी ने रोडवेज बस को वाया श्रीडूंगरगढ़ से ठुकरियासर, लिखमादेसर, सत्तासर और मोमासर चलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस रूट से यात्री भार बढ़ेगा और आमजन को राहत मिल सकेगी। मुख्य प्रबंधक इंद्रा गोदारा ने भी शीघ्र ही रूट का सर्वे करवाकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
मोमासर से सुबह निकल कर रात को फिर मोमासर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रोडवेज बस मोमासर से सुबह 7 बजे रवाना होकर चल रही थी और बीकानेर से शाम 6.30 बजे रवाना होकर पुन: रात 8 बजे से मोमासर पहुंच रही थी। ग्रामीण इसे ठुकरियासर, लिखमादेसर व सत्तासर से मोमासर चलाने की मांग कर रहें है जिससे बस को यात्री भार भी मिल सकें और इन गांवो के ग्रामीणों को राहत मिल सकें।




