






देराजसर सहकारी समिति में 400 कृषकों को दिए मिनी बीज किट।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना के तहत बुधवार को गांव देराजसर की सहकारी समिति के बीज गोदाम में बीज वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 400 कृषकों को उन्नत फसलों के बीजों के मिनी किट वितरित किए गए। शिविर में सामान्य व ओबीसी वर्ग के 300 एवं एससी-एसटी वर्ग के 100 किसानों को 6 किलो वज़न के मोठ बीज के मिनी किट दिए गए। शिविर में देराजसर ग्राम विकास सहकारी समिति के अध्यक्ष लिखमाराम भादू ने किसानों को बताया कि देश को दलहन एवं तिलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही राज्य में उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत फसलों के प्रमाणित बीज वितरित किए जा रहें हैं। शिविर में कृषि पर्यवेक्षक मोहनलाल पटीर, धन्नाराम, भूमि विकास बैंक के डायरेक्टर नेतादास स्वामी ने अपनी सेवाएं दी।

प्रतिभाओं का किया सम्मान, निकाली जागरूकता रैली।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 जुलाई 2024। क्षेत्र के गांव सुरजनसर में बुधवार को राउमावि द्वारा सत्र 2023-24 के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान समारोह एवं जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली को सरपंच ओमप्रकाश शर्मा एवं प्रधानाध्यापक जगदीश प्रसाद स्वामी ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया एवं गांव में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित किया। इस आयोजन में विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने भाग लिया एवं शिक्षिका कांता शर्मा, मुकेश चौधरी, रेण, ललिता, परसाराम नाई, सुनील कुमार, राजेश कुमार, सरीता, सीताराम, शारीरिक शिक्षक ओमप्रकाश पूनियां आदि सक्रिय रहे।

सूडसर में आयोजित भागवत में मनाया कृष्ण जन्मोत्सव।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। उपतहसील सूडसर के मोदी सदन में चल रहें श्रीमद भागवत कथा के पांचवें दिन बुधवार को कथास्थल पर हर्षोल्लास के साथ कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथा में श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया पूरा भवन “भगवान श्री कृष्ण” के जयकारों तथा “नंद के आनन्द भयो, जय कन्हैयालाल की” के जयघोष से गूंजायमान हो उठा। कथा के दौरान संत मोहन महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा जब-जब अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड़ दी तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। महाराज ने कहा कि जीवन में मान-अपमान के बहुत क्षण आते हैं, मनुष्य को उसको सदा के लिए अपने हृदय में नहीं रखना चाहिए। आयोजन समिति के विनोद मोदी ने बताया कि शुक्रवार शाम को कथा की विधिवत पूर्णाहुति होगी। कथास्थल पर ही प्रतिदिन शाम को “नानी बाई रो मायरो” कथा का आयोजन चल रहा है।





