






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 जुलाई 2024। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में इन दिनों जनता विभिन्न समस्याओं से पीडित दिखाई दे रही है एवं इन समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन, मांगे, प्रदर्शन आदि से खुब शोर मचा रहे है। क्षेत्र में व्याप्त पानी, बिजली व सफाई की समस्याओं के लिए जन आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पढ़ें तीन गांवों से तीन समस्याओं की सामूहिक खबर।
मुर्हरम के मौके पर भी नहीं हुई सफाई, जताया रोष।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 जुलाई 2024। कस्बे में बे-पटरी हो रखी सफाई व्यवस्था अब नासूर बन रही है, यहां पर सफाई टैंडर के अभाव में पालिका केवल स्थाई कार्मिकों के भरोसे ही चल रही है। ऐसे में आवश्यक सफाई कार्य भी नहीं हो पा रहा है एवं क्षेत्रवासी खासे परेशान है। वहीं इस बार मुर्हरम के जुलूस के रास्ते में भी सफाई नहीं हो सकी जिसपर जुलूस में शामिल अनेक लोगों ने अपना रोष भी जताया है। जुलूस में शामिल लोगों ने प्रशासन के पास पहले से रूट सहित समस्त जानकारी होने के बावजूद सफाई नहीं करवाने पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई। देखें मुर्हरम के रूट वाली गलियों में जुलूस गुजरने से पहली रात के हालात दिखाते फोटो।



एलडी के नाम पर दिन भर में 14 घंटे से अधिक कटौती, ग्रामीणों में आक्रोश।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 जुलाई 2024। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के अनेक गांवों में एलडी के नाम पर इन दिनों भारी विद्युत कटौती की जा रही है। गांव आडसर में तो यह कटौती दिनभर के 24 घंटों में से 14 घंटों तक की जा रही है। दिन हो या रात कभी भी हो रही इस कटौती के कारण गर्मी व उमस के मौसम में ग्रामीण खासे परेशान हो रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि एलडी कटौती के नाम पर गांव की आबादी क्षेत्र की सप्लाई बंद कर देना उनकी समझ से परे है। सामान्यत: एलडी कटौती पर उद्योगों में, कृषि कनेक्शनों में ही कटौती की जाती है लेकिन आडसर के ग्रामीणों को यह कटौती की लालफीताशाही घरेलू कनेक्शनों पर भी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने इस संबध में रोष जताते हुए घरेलू सप्लाई कटौती बंद करने और रात को हरगिज कटौती नहीं करने की मांग की है।
पेयजल के लिए तरस रहे है एक पखवाड़े से ग्रामीण, विभाग के प्रति नाराजगी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 जुलाई 2024। क्षेत्र की ग्राम पंचायत जैसलसर के गांव सातलेरां में गत एक पखवाड़े से ग्रामीण पेयजल को तरस रहे है। सरपंच रामप्यारी देवी जाखड़ ने बताया कि गांव में जलदाय विभाग के दो ही टयुबवैल है जिनमें से एक तो एक महिने से बंद पड़ा है। इसे ठीक करने की गुहार लगाते लगाते थक गए लेकिन विभाग ने सुनवाई नहीं की एवं करीब 15 दिन पहले दूसरा टयुबवैल भी खराब हो गया है। ऐसे में पूरे गांव की प्यास का बोझ एकमात्र ग्राम पंचायत के टयुबवैल पर आ गया है। पुरे गांव की आबादी को देखते हुए यह भी पर्याप्त नहीं है एवं ग्रामीणों को निजी टैंकरों से पेयजल मंगाना पड़ रहा है जो कि खासा मंहगा पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों के साथ साथ ग्रामीण जनप्रतिनिधियों में भी विभाग के प्रति नाराजगी व्याप्त है।




