






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 अगस्त 2024। एक जोरदार धमाका और गत दो माह से दरारें आए भवन में एक के बाद एक धड़ाम-धड़ाम कर गिरी करीब एक दर्जन पट्टियां, आस-पास हड़कंप मच गया, सुबह-सुबह गांव में रोला हो गया और ग्रामीण एकत्र हो गए। बीमार स्वास्थ्य विभाग पर सुनवाई नहीं करने और किसी अनहोनी का विभाग द्वारा इंतजार किए जाने के आरोप ग्रामीण लगा रहें है। ये दृश्य है श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत जाखासर के गांव केऊ पुरानी का, जहां सोमवार सुबह गांव में स्थित प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में आए मरीज व परिजनों का केंद्र के भवन के दरवाजे से बाहर निकलना हुआ के तभी दरारे आए जर्जर भवन की पट्टियां एक के बाद एक टूट कर करीब एक दर्जन पट्टियां नीचे आ गिरी। मरीजों व उनके परिजनों की तो जान बची तो लाखों पाए वाली स्थिति हो गई। वहीं प्रभारी डॉक्टर ने उनसे बार बार माफी मांगी। यहां पड़ा मेडिकल सामान टूट फुट गया। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता पवन स्वामी ने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स में 27 जून को पोर्टल पर और 29 जून को ई-पेपर में बड़ी समस्या की इस खबर का प्रमुखता से प्रकाशन किया गया। खबर प्रकाशन के बाद विभाग के ब्लॉक स्तरीय व जिला स्तरीय चिकित्सा अधिकारी भी गांव में पीएचसी का निरीक्षण करने पहुंचे। इस टीम ने मामले में लीपापोती कर दी। वहीं पूर्व सरपंच रतनसिंह ने बताया कि कई बार विभाग को बता दिया गया परंतु उसके बावजूद खतरा नहीं होने की बात कहते हुए विभाग सहित ग्राम पंचायत प्रशासन व श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन ने ना तो भवन खाली करवाया ना ही कोई मरम्मत कार्य करवाया गया। आखिरकार आज विभाग की लापरवाही के कारण जनहानि होने से बाल-बाल बच गए है। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच व विधायक को भी घटना का वीडियो, फोटो व सूचना दे दी गई है और राहत की मांग की गई है। बता देवें ग्रामीणों ने इस भवन के गिरने का अंदेशा भी जताया था परंतु बीमार विभाग गंभीर नहीं हुआ और बेपरवाही बरती गई। वहीं ग्रामीणों के लिए भारी मुसीबत खड़ी हो गई है कि इस भवन के टूट जाने के भय से यहां डिलेवरी तो पहले ही नहीं हो पा रही थी अब इसके गिर जाने से ग्रामीण सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी अपना धन व समय खर्च कर गांव से बाहर ही जाने को मजबूर हो गए है।
कम्युनिटी हैल्थ ऑफिसर शकील खान ने कहा कि भवन का निरीक्षण करने अधिकारी आए परंतु कोई निर्णय नहीं हो सका और आज सुबह अचानक पट्टियां गिर गई। खान ने बताया कि सरपंच से भी मरम्मत के लिए आग्रह किया गया, प्रशासन गांवो के संग शिविर में भी लिखित में प्रशासन को शिकायत दी गई वहीं चिकित्सा विभाग को तो कई बार मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था। आज भी विभाग को सूचना भेज दी गई है।



नीचे दी लिंक पर क्लिक कर पढें श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स में प्रकाशित खबर:- https://sridungargarhtimes.com/patients-and-doctors-in-danger-broken-bandages-unaware-officers/



