






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 सितंबर 2024। श्रीडूंगरगढ़ में अक्टूबर 2023 में एमओयू होने के बावजूद ट्रोमा निर्माण को लेकर वर्तमान विधायक रूचि नहीं ले रहें है। हाइवे पर, ग्रामीण रूटों पर लोग मर रहें है। आने वाले समय में जनता इन्हें माफ नहीं करेगी। एक विश्वास के साथ जनता ने वोट दिए और सबसे बड़ी जरूरत को नजरअंदाज कर दिया गया है। राज के दबाव में प्रशासन काम नहीं कर रहा है। ट्रोमा के लिए प्रशासन व राज के खिलाफ आंदोलन होगा। आंदोलन की रूपरेखा जमीन पर लिखी जाएगी और बिना किसी पार्टी के संघर्ष समिति के बैनर तले गांव शहर के युवा, ग्रामीण, आमजन, महिलाएं ट्रोमा के हक के लिए आवाज उठाएंगे। ये ऐलान आज अखिल भारतीय किसान सभा की बैठक में पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने किया। महिया ने ट्रोमा के मुद्दे पर जनता को एक होकर संघर्ष के मोड में आने का आह्वान किया। उन्होनें वर्तमान विधायक व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाए। इस दौरान बैठक में किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता किसान सभा के तहसील अध्यक्ष भंवरलाल भुंवाल ने की। अध्यक्ष ने विषय रखा और पूर्व विधायक ने क्षेत्र में फसल बीमा के क्लेम की लड़ाई और बिजली के संघर्ष को तेज करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इलाके का किसान साल में हजारों करोड़ रुपए बैंकों के प्रीमियर के जरिए सरकार और बीमा कंपनियों को दे रहा है। परंतु आज तक क्लेम नहीं ले पाया है, स्थानीय अधिकारी सरकार और बीमा कंपनियों की साठ गांठ से हर साल हजारों करोड़ रुपए डकार लिए जाते हैं। अब किसान को ये स्वीकार नहीं और किसान सभा हर पटवार मंडल की खसरा पर जाकर क्रॉप कटिंग करवाएगी और आंदोलन को तेज कर किसान को उसका हक दिलवाएगी। उन्होंने कहा पूनरासर में चल रहे किसानों के धरने की सुनवाई किए जाने व स्थानीय अधिकारियों से उनकी मांग पूरी करने का आग्रह भी किया। सभा के प्रदेश सचिव छगन चौधरी ने कहा कि पूरे चूरू में, राजलदेसर रतनगढ़ तक किसानों को क्रॉप कटिंग के बाद बीमा क्लेम मिल रहा है परंतु इस क्षेत्र में किसानों को उनका हक नहीं दिया जा रहा है। राजलदेसर किसान सभा तहसील अध्यक्ष भादर भामूं, मुखराम गोदारा, राजेंद्र जाखड़, सरपंच नंदकिशोर बिहाणी, भवानी सिंह भाटी, अमर गिरी, एसएफआई नेता मुकेश ज्याणी ने भी बैठक को संबोधित किया व एक स्वर में क्रॉप कटिंग करवाने और बीमा क्लेम दिलवाने की बात कही। इस दौरान बैठक में सरपंच सुनील मेघवाल, पूर्व सरपंच नारायण नाथ सिद्ध, पूर्व पंचायत समिति सदस्य पेमाराम नायक, उप सरपंच लालाराम सारण, सतुनाथ सिद्ध, हनुमान ज्याणी, दौलतराम मेघवाल, बुद्धाराम बेरा, प्रहलाद भामु, गिरधारी जाखड़, सीताराम गोदारा, सीताराम खिलेरी, गोपाल भादू, मामराज महिया, बीरबल पूनियां, विजयपाल भामुं सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।






