May 22, 2026
8-oct

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 अक्टूबर 2024। श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 08 – Oct – 2024
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि पंचमी 11:20 AM
षष्ठी
🔅 नक्षत्र ज्येष्ठा +04:08 AM
🔅 करण :
बालव 11:20 AM
कौलव 11:20 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग आयुष्मान 06:50 AM
🔅 वार मंगलवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:30 AM
🔅 चन्द्रोदय 11:24 AM
🔅 चन्द्र राशि वृश्चिक
🔅 चन्द्र वास उत्तर
🔅 सूर्यास्त 06:11 PM
🔅 चन्द्रास्त 09:33 PM
🔅 ऋतु शरद

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 कलि सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:41 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत आश्विन

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 11:57:47 – 12:44:31
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 08:50 AM – 09:37 AM
🔅 कंटक 07:17 AM – 08:04 AM
🔅 यमघण्ट 10:24 AM – 11:11 AM
🔅 राहु काल 03:16 PM – 04:44 PM
🔅 कुलिक 01:31 PM – 02:17 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 08:50 AM – 09:37 AM
🔅 यमगण्ड 09:25 AM – 10:53 AM
🔅 गुलिक काल 12:21 PM – 01:48 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ

📜 चोघडिया 📜

🔅रोग 06:30:38 – 07:58:16
🔅उद्वेग 07:58:16 – 09:25:54
🔅चल 09:25:54 – 10:53:31
🔅लाभ 10:53:31 – 12:21:09
🔅अमृत 12:21:09 – 13:48:47
🔅काल 13:48:47 – 15:16:24
🔅शुभ 15:16:24 – 16:44:02
🔅रोग 16:44:02 – 18:11:39
🔅काल 18:11:39 – 19:44:06
🔅लाभ 19:44:06 – 21:16:32
🔅उद्वेग 21:16:32 – 22:48:59
🔅शुभ 22:48:59 – 24:21:25
🔅अमृत 24:21:25 – 25:53:52
🔅चल 25:53:52 – 27:26:18
🔅रोग 27:26:18 – 28:58:45
🔅काल 28:58:45 – 30:31:11

❄️ लग्न तालिका ❄️

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 04:58 AM समाप्त: 07:14 AM

🔅 तुला चर
शुरू: 07:14 AM समाप्त: 09:33 AM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 09:33 AM समाप्त: 11:52 AM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 11:52 AM समाप्त: 01:56 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 01:56 PM समाप्त: 03:39 PM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 03:39 PM समाप्त: 05:08 PM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 05:08 PM समाप्त: 06:33 PM

🔅 मेष चर
शुरू: 06:33 PM समाप्त: 08:09 PM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 08:09 PM समाप्त: 10:05 PM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 10:05 PM समाप्त: अगले दिन 00:20 AM

🔅 कर्क चर
शुरू: अगले दिन 00:20 AM समाप्त: अगले दिन 02:41 AM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: अगले दिन 02:41 AM समाप्त: अगले दिन 04:58 AM

🚩शारदीय नवरात्रि 🚩

माता कात्यायनी माता दुर्गा का छठा रूप है षष्ठम दिवस को माता के इस रूप की पूजा की जाती है। माता कात्यायनी ऋषि कात्यायन की पुत्री हैं। माता को अपनी तपस्या से प्रसन्न करने के बाद उनके यहां माता ने पुत्री रूप में जन्म लिया, इसी कारण वे कात्यायनी कहलाईं। नवरात्र के छठे दिन इनकी पूजा-आराधना की जाती है। इस दिन माता को भोग में शहद दिया जाता है। माता कात्यायनी को शहद का भोग लगाने से उपवासक की आकर्षण शक्ति में वृद्धि होती है।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026