






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 अक्टूबर 2024। किशोर व युवा विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ फिजिकल एक्टिविटी भी जरूरी है। विद्यार्थी खेलों में हिस्सा लें लेकिन नशे के खेल बचें। नशे ने समाज की चिंताए बढ़ा दी है और इसकी गिरफ्त में फंसता युवा ही नहीं उनके परिवार भी इससे परेशान है। ये बात विधायक ताराचंद सारस्वत ने कही और मौका था स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार को अंतर महाविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह का। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए विधायक ने कहा कि उन्होंने कहा कि खेलों से शारीरिक और मानसिक विकास होता है इसमें हार या जीत ज्यादा मायने नहीं रखती। जीवन में अनुशासन की शुरुआत भी खेलों से ही होती है। समारोह की अध्यक्षता कुलपति डॉ अरुण कुमार ने की। खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट कर मंच को सलामी दी। कुलपति ने खेलों के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की। कुलपति डॉ अरुण कुमार ने कहा कि खेलों में हार-जीत चलती रहती है लेकिन विद्यार्थियों के बीच खेलों के दौरान मनभेद ना हो। सभी खिलाड़ी ईमानदारी से और नियमानुसार खेलें। रेफरी के निर्णय का सम्मान करें। वित्त नियंत्रक श्री राजेन्द्र कुमार खत्री ने कहा कि सभी खिलाड़ी अनुशासित होकर खेलों की प्रैक्टिस करें और विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें। समारोह में स्वागत भाषण छात्र कल्याण निदेशक डॉ एनएस दहिया ने दिया। दहिया ने बताया कि 22 से 25 अक्टूबर तक चलने वाले इन खेलों में हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चांदगोठी (चूरू) और मंडावा (झुंझुनूं) कृषि महाविद्यालय के अलावा आईएबीएम, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय और कृषि महाविद्यालय की टीमें हिस्सा ले रही है। खेल सचिव डॉ वी.एस.आचार्य ने सभी का आभार जताया। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री गणेश की वंदना से हुई। अतिथियों का साफा पहनाकर स्वागत किया गया। मंच संचालन डॉ मंजू राठौड़ व डॉ सुशील कुमार ने किया। कार्यक्रम में अनुसंधान निदेशक डॉ विजय प्रकाश, प्रसार निदेशक डॉ पी.एस.शेखावत, भू-सदृश्यता एवं राजस्व अर्जन निदेशक डॉ दाताराम, डीन पीजी डॉ राजेश कुमार वर्मा, मानव संसाधन निदेशालय निदेशक डॉ दीपाली धवन, वीसी के ओएसडी डॉ योगेश शर्मा, लाइजन ऑफिसर व पूल अधिकारी डॉ वाई.के.सिंह, डॉ शीशराम यादव, समेत विभिन्न कृषि महाविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।





