May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 अक्टूबर 2024। डेंगू के बुखार में प्लेटलेट्स काउंट तेजी से गिरना शुरू हो जाते हैं। ऐसे में, इम्युनिटी भी कमजोर हो जाती है और शरीर को भारी थकान और कमजोरी से जूझना पड़ता है। जाहिर है कि थोड़ी-सी भी लापरवाही इस बुखार को घातक बना सकती है। ऐसे में, आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो डेंगू के संक्रमण में बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। पपीता, नीम, मेथी और तुलसी के पत्तों में पाए जाने वाले औषधीय गुण, डेंगू से राहत दिलाने में काफी मददगार हैं।

पपीते के पत्ते

डेंगू से राहत पाने के लिए पपीते के पत्तों का इस्तेमाल काफी कारगर होता है। इनके इस्तेमाल से डेंगू के संक्रमण को कम किया जा सकता है। ऐसे में, आप सबसे पहले इन्हें ताजा पानी से धो लें और फिर कम से कम 1 घंटा पानी में भीगने के लिए रख दें। इसके बाद इन्हें दरदरा पीस लें और फिर इसके भिगोए पानी में मिलाकर इन्हें छान लें। बता दें, कि डेंगू के बुखार में सुबह-शाम इसका एक गिलास रस पीने से प्लेटलेट्स काउंट तेजी से बढ़ता है।

तुलसी के पत्ते

डेंगू से बचाव और उपचार के लिए तुलसी के पत्तों का भी इस्तेमाल किया जाता है। इनमें एंटीमाइक्रोबॉयल गुणों का खजाना होता है, जिससे डेंगू का इलाज किया जा सकता है। इसके लिए आपको इसके कुछ पत्तों को 2 गिलास पानी में तब तक उबालना होगा, जब तक यह घटकर आधा न हो जाए। इसके बाद इसमें 2 चुटकी काली मिर्च का पाउडर मिलाएं और फिर इसे गुनगुना ही घूंट-घूंट करके पिएं। इससे इम्युनिटी में भी तेजी से इजाफा होता है।

नीम के पत्ते

एंटी-पायरेटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुणों से भरपूर नीम के पत्ते भी प्लेटलेट्स काउंट को तेजी से बढ़ाने में मददगार होते हैं। इसके सेवन भी आप पानी में उबालने के बाद छानकर सकते हैं। आयुर्वेदिक औषधि के रूप में यह न सिर्फ बुखार से राहत दिलाते हैं, बल्कि इम्युनिटी को भी बूस्ट करते हैं।

मेथी के पत्ते

डेंगू के इलाज के लिए मेथी के पत्तों का भी इस्तेमाल खूब किया जाता है। इनमें शामिल एंटीपायरेटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण, डेंगू के बुखार को दूर करते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। ऐसे में, आप मेथी के कुछ पत्ते लेकर इन्हें 2 गिलास पानी में उबाल लें और जब यह एक गिलास ही रह जाए, तो थोड़ा ठंडा करके, छानकर इसके पानी का सेवन कर लें।