






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 अक्टूबर 2024। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 30 – Oct – 2024
☀ Sri Dungargarh, India
☀ पंचांग
🔅 तिथि त्रयोदशी 01:17 PM
🔅 नक्षत्र हस्त 09:43 PM
🔅 करण :
वणिज 01:17 PM
विष्टि 01:17 PM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग वैधृति 08:49 AM
🔅 वार बुधवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:44 AM
🔅 चन्द्रोदय +05:32 AM
🔅 चन्द्र राशि कन्या
🔅 चन्द्र वास दक्षिण
🔅 सूर्यास्त 05:50 PM
🔅 चन्द्रास्त 04:36 PM
🔅 ऋतु हेमंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 कलि सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:06 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत कार्तिक
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित कोई नहीं
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 11:55 AM – 12:39 PM
🔅 कंटक 04:21 PM – 05:06 PM
🔅 यमघण्ट 08:57 AM – 09:41 AM
🔅 राहु काल 12:17 PM – 01:40 PM
🔅 कुलिक 11:55 AM – 12:39 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 07:28 AM – 08:13 AM
🔅 यमगण्ड 08:07 AM – 09:30 AM
🔅 गुलिक काल 10:54 AM – 12:17 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन
📜 चोघडिया 📜
🔅लाभ 06:44:11 – 08:07:29
🔅अमृत 08:07:29 – 09:30:48
🔅काल 09:30:48 – 10:54:07
🔅शुभ 10:54:07 – 12:17:26
🔅रोग 12:17:26 – 13:40:45
🔅उद्वेग 13:40:45 – 15:04:04
🔅चल 15:04:04 – 16:27:23
🔅लाभ 16:27:23 – 17:50:42
🔅उद्वेग 17:50:41 – 19:27:28
🔅शुभ 19:27:28 – 21:04:14
🔅अमृत 21:04:14 – 22:41:01
🔅चल 22:41:01 – 24:17:47
🔅रोग 24:17:47 – 25:54:33
🔅काल 25:54:33 – 27:31:20
🔅लाभ 27:31:20 – 29:08:06
🔅उद्वेग 29:08:06 – 30:44:53
❄️ लग्न तालिका ❄️
🔅 तुला चर
शुरू: 05:47 AM समाप्त: 08:06 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 08:06 AM समाप्त: 10:25 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 10:25 AM समाप्त: 12:30 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 12:30 PM समाप्त: 02:13 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 02:13 PM समाप्त: 03:41 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:41 PM समाप्त: 05:07 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 05:07 PM समाप्त: 06:43 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 06:43 PM समाप्त: 08:39 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:39 PM समाप्त: 10:54 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 10:54 PM समाप्त: अगले दिन 01:14 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: अगले दिन 01:14 AM समाप्त: अगले दिन 03:31 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 03:31 AM समाप्त: अगले दिन 05:47 AM
🌺।। आज का दिन मंगलमय हो।।🌺
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
* बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।
☘️ काली चौदस , हनुमान पूजा
इस दिन को बहुत से लोग हनुमान जयंती के रूप में भी मनाते है। वैसे तो हनुमान जयंती का पर्व चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है, लेकिन शास्त्रों में कई जगह कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि अर्थात छोटी दीपावली के दिन भी हनुमान जी के जन्म बताया गया है।
वायु पुराण के अनुसार, हनुमान जी का जन्म कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में चतुर्दशी तिथि को हुआ था । इस दिन मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें चोला चढ़ाएं, गुलाब का इत्र, गुलाब का पुष्प और प्रशाद अर्पित करके हनुमान चालीसा पाठ अवश्य ही करें ।
☘️ इस दिन सांयकाल घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर 4 बत्तियों का दीपक जलाकर धर्मराज का ध्यान करते हुए पूरब दिशा की ओर मुखं करके दीप दान करना चाहिए इससे व्यक्ति के यम के मार्ग का अंधकार समाप्त हो जाता है ओर सनत कुमार संहिता के अनुसार पितरों को भी स्वर्ग का मार्ग दीखता है ओर उनको नरक से मुक्ति मिलती है ।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026




