May 21, 2026
WhatsApp Image 2024-11-10 at 12.25.48_b8706efc

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 नवंबर 2024। कालू बास में स्थित गुसाईजी मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीविष्णु पुराण कथा शनिवार शाम करीब 6 बजे संपूर्ण हुई। कथा के अंतिम दिन कथा वाचक पंडित विष्णुदत्त शास्त्री ने भीष्म व कृष्ण के अंतिम वार्ता का मर्म समझाते हुए कहा कि इतिहास से शिक्षा लेकर निर्णय वर्तमान की परिस्थितियों के आधार पर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर युग में अपने तर्क और अपनी आवश्यकताएं होती है और उसी के आधार पर निर्णय एक जैसे नहीं होते और कलयुग में जब नकारात्मकता क्रुर ढंग से बढ़ जाएगी तब स्वयं कृष्ण ने कहा कि धर्म रक्षा के लिए ईश्वर के भरोसे छोड़कर बैठना नहीं चाहिए सत्य व धर्म के लिए युद्ध स्वयं ही लड़ने होंगे। इस दौरान कथा वाचक ने रूक्मणी विवाह प्रसंग सुनाए व सुदंर झांकिया सजाई गई। संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। अंतिम दिन की कथा में कृष्ण बाल लीलाओं, कंस मर्दन, विवाहोत्सव, महाभारत व्याख्यान का विस्तृत वर्णन किया गया। पंडित विष्णुदत्त ने गोपाष्टमी पर गौ का महत्व बताते हुए प्रति घर में गाय का होना धर्म का मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि यज्ञ का पवित्र आयोजन हो तो गाय के घी से ही पूर्ण होता है वैसे ही घर के बच्चों का स्वास्थ्य गाय का दूध पीने से ही सुदृढ़ विकास में परिवर्तित होगा। उन्होंने कहा प्रत्येक सनातनी का परिवार गौ रक्षा  व गौ सेवा से जुड़े तभी परंपराएं व संस्कृति का संवर्धन होगा। ऋषि पाराशर व मैत्रेय संवाद रूपी विष्णुपुराण में वर्णित कलयुग के लक्षण का वर्णन भी किया। कथा के दौरान आपणां गांव सेवा समिति अध्यक्ष मनोज डागा सहित सदस्य पहुंचे तो कथावाचक ने समिति के जीव दया के कार्यों की सराहना करते हुए श्रोताओं को उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। कथा संपन्न होने पर अंतिम दिन आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कथा आयोजकों ने कथावाचक का सम्मान किया व सभी का आभार जताया।