






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 दिसंबर 2024। श्रीडूंगरगढ़ सत्संग प्रेमी गांव है, यहां कथा करने का आनंद अपार है। ये बात स्वामी शिवेन्द्र स्वरूप जी महाराज ने नेहरू पार्क में आयोजित भागवत कथा में कही। महाराज ने पहले दिन कथा का माहात्म्य बताते हुए घर घर भक्ति के प्रचार प्रसार का माध्यम कथा को बताया। उन्होंने कहा कि कलयुग में सबसे बड़ा सत्कर्म ज्ञानयज्ञ है और भागवत ज्ञान की गंगा है। कथा सुनने का महत्व बताते हुए कहा कि क्रोधी, कामी, कुटिल व ईष्यालु लोगों का भी कथा श्रवण से ह्रदय निर्मल होने की बात कही। भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। उन्होंने कहा कि शास्त्र का सार कृष्ण है और भगवान के अवतार लेने का प्रयोजन सत्य व धर्म रक्षा करना ही है। उन्होंने अवतार के बारे में बताते हुए कहा कि भगवान के अवतार असंख्य है, क्योंकि ना जाने किस वेश में नारायण मिल जाए। महाराज ने अनेक नैतिक बातें बताते हुए श्रद्धालुओं को समझाते हुए कथा के अनेक प्रसंग सुनाए। महाराज ने कहा कि कथा श्रवण से जन्म जन्मातंर के पाप नष्ट होते है व पुण्य का उदय होता है जिससे लोक व परलोक सुधरता है। रेवंतमल, मुरलीधर, सत्यनारायण, विनित सोनी परिवार द्वारा आयोजित कथा में पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे व कथा श्रवण का लाभ लिया। आज की कथा पूर्ण होने पर सुमधुर कीर्तन व आरती की गई। इससे पूर्व सुबह सवा दस बजे झंवरो के मंदिर से कथा स्थल तक गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में मंगल कलश लेकर मंगल वेश में महिलाएं शामिल हुई। बता देवें कथा 22 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होगी।


लखासर गौशाला में रामकथा प्रारंभ, विभिन्न गांवो से की बसों की व्यवस्था।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। निकटवर्ती गांव में लखासर में गौ सेवा के लिए भव्य रामकथा का आयोजन आज कलश यात्रा के पश्चात प्रारंभ हुआ। कथा वाचक संत शंकरदास जी महाराज ने पहले दिन राम नाम की महिमा का गुणगान किया। महाराज ने बताया कि राम नाम अविनाशी है और इस नाम की महिमा दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का नाम भोले शंकर भी जपते रहते है। इससे पूर्व गांव के ठाकुरजी मंदिर से कथा स्थल तक कलश यात्रा निकाली गई। दुलचासर मार्ग पर स्थित गौशाला में कथा श्रवण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस पास के एक दर्जन से अधिक गांवो से बसों की व्यवस्था भी की गई है। आयोजन समिति के मदनसिंह राठौड़ ने बताया कि श्रीराम कथा में विभिन्न झांकियां सजाई जाएगी तथा मानस ज्ञान प्रश्नोत्तरी और हवन पूजन के पश्चात नौदिवसीय कथा पूर्ण होगी। समिति के मोहनसिंह देवड़ा ने बताया कि प्रतिदिन सुबह गांव में महाराज के सान्निध्य में प्रार्थना स्तुति व प्रभात फेरी का आयोजन किया जाएगा। वहीं गांव के ठाकुरजी मंदिर में रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक नानी बाई का मायरा का वाचन भी होगा।




