






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 जनवरी 2025। नए साल में गांव तोलियासर में चल रहें जोहड़ पायतान भूमि पर अतिक्रमण के विवाद में शुक्रवार को एक नया मोड़ आया है। यहां किए गए अतिक्रमण पर स्टे टूट गया है और अब इन अतिक्रमणों को हटाने के पक्षकार लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग प्रारंभ कर दी है। शुक्रवार शाम हाई कोर्ट से अतिक्रमणकारी पक्ष द्वारा मामले को विड्रोल कर लिया गया और कोर्ट ने इसे खारीज करते हुए डबल बेंच में जाने का रास्ता खुला छोड़ दिया है। सरकारी अधिवक्ता ने डबल बेंच के अतिक्रमण हटाए जाने के आदेश के बाद सिंगल बेंच में मामला चलाए जाने पर आपत्ति दर्ज करवाई। सरकार द्वारा 2020 से 2025 तक सिंगल बेंच का समय जाया करने, गलत तथ्य प्रस्तुत किए जाने, डबल बेंच के आदेश के बाद 70 निर्माण जिनमें 7 पक्के मकान तोड़ दिए जाने, केवल स्टे लेने वाले 22 लोगों को ही अतिरिक्त रियायत देने पर आपत्ति दर्ज करवाई। इस पर कोर्ट ने डबल बेंच में सुनवाई किए जाने के बाद इसे खारिज करने व विड्रोल करने की बात कही। इस पर वाद को कोर्ट से विड्रोल कर लिया गया है। वहीं डबल बेंच द्वारा फैसला दिए जाने के समय पीड़ित लोग पक्षकार नहीं थे। विदित रहें तोलियासर में जोहड़ पायतन खसरा नबंर 860/241 की करीब 170 बीघा भूमि पर करीब 25 से 30 बीघा पर 127 लोग काबिज हो गए जिससे जोहड़ पायतन की भूमि अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई। इसमें डबल बेंच द्वारा सभी को बेदखली का आदेश देने के बाद प्रशासन ने करीब 70 कब्जे पूर्व में ही हटवा दिए थे। जिनमें से 22 लोगों ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। 2020 से 3 जनवरी 2025 तक मामला कोर्ट में अटका रहा। आखिरकार कोर्ट का जोहड़ पायतन को सुरक्षित रखें जाने का फैसला कायम रह गया है। हालांकि पीड़ित पक्ष द्वारा डिविजन बेंच में जाने के लिए रिट हटा लेने की बात कही गई है। वहीं सरकार का पक्ष है कि डिविजन बेंच ने पहले ही अतिक्रमण हटाए जाने का फैसला दिया था। जानकारों के अनुसार हालांकि अब पीड़ित पक्ष को राहत की उम्मीद कम है और प्रशासन की कार्रवाई से अतिक्रमण हटाए जाने की प्रबल संभावनाएं है। गांव के गौसेवक पृथ्वीराजसिंह राजपुरोहित ने बताया कि सोमवार को स्थानीय प्रशासन को आदेश उपलब्ध करवाते हुए चिह्नित किए गए अतिक्रमण हटाकर जोहड़ पायतन की भूमि को सुरक्षित करने की मांग की जाएगी।



