






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 जनवरी 2025। क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत मोमासर में वर्ष 2009 में हुआ करोड़ों का प्लॉट घोटाला सामने आया है। एडीएम प्रशासन दुलीचंद मीणा ने बड़ा फैसला सुनाते हुए गांव के मुख्य बाजार में सहित खाली पड़ी भूमियों पर अपने ही रिश्तेदारों के नाम बनाए गए 19 पट्टों को निरस्त कर दिया है। मीणा ने गांव में व्यवसायिक पट्टों को रियाहशी पट्टे बताने, मुख्य बाजार में स्थित भूमि अब भी खाली पड़ें होने, खाली प्लॉटों पर पुराने कब्जे बताने, बिना आपत्ति नोटिस जारी किए जाने, कब्जा साबित करने के लिए 10 रूपए का स्टाम्प पर शपथ पत्र लगाने व सभी 19 स्टाम्प एक ही व्यक्ति के नाम से लिए जाने, सभी पट्टों में साक्षी के रूप में दो निजी रिश्तेदार के नाम होने, ग्राम पंचायत में 20.8.2009 के संबंध में कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने, के कारण निरस्त कर दिए है। ग्रामीणों ने बताया कि 2009 में तत्कालीन सरपंच द्वारा अपने भाई भतीजों के नाम बनाए गए पट्टों की बाजार कीमत करीब 12-15 करोड़ से अधिक है। एडवोकेट करणसिंह तंवर ने बताया कि इस संबंध में मोमासर निवासी दानाराम धन्नाराम जाट व भंवरलाल पूर्णाराम जाट के दावे के पश्चात एडीएम कोर्ट ने निर्णय सुनाया गया है। पट्टे बनाने की नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई ही नहीं गई। परिवादी द्वारा अब इसे पंचायती राज विभाग को अवगत करवा निर्णय की पालना करवाने का आग्रह किया जाएगा। तंवर ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में पट्टे निरस्त किए जाने के इस फैसले से ग्राम पंचायतों में मनमर्जी से बन रहें पट्टों के खिलाफ आमजन में न्याय की उम्मीद होगी।
ये पट्टे निरस्त किए एडीएम दुलीचंद मीणा ने..
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। एडीएम प्रशासन दुलीचंद मीणा ने बड़ा आदेश देते हुए गोपालराम खेताराम गोदारा, लूणाराम खेताराम गोदारा, बीरबलराम लूणाराम गोदारा, मन्नीराम बेगाराम गोदारा, हुणताराम मंगलाराम गोदारा, चनणाराम रेवंतराम गोदारा, सुगनाराम हरखाराम गोदारा, प्रभुराम लूणराम गोदारा, सांवरमल भीखाराम गोदारा, केसराराम हिम्मताराम गोदारा, बाबूलाल मोटाराम सारण, किसनलाल पन्नाराम सारण, राजूराम नारायणराम सऊ निवासी सत्तासर, गोपालराम खेताराम गोदारा, जगदीश पुत्र रामेश्वरलाल गोदारा, ओमप्रकाश दुलाराम शर्मा, ज्ञानीराम पन्नाराम सुथार, सांवरमल हीराराम खटीक, खुमाणाराम सुरजाराम सुथार के नाम से बने पट्टे निरस्त कर दिए है।



