May 20, 2026
29-jan

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 जनवरी 2025। श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 29 – Jan – 2025
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि अमावस्या 06:08 PM
🔅 नक्षत्र :
उत्तराषाढ़ा 08:21 AM
श्रवण 08:21 AM
🔅 करण :
नाग 06:08 PM
किन्स्तुघ्ना 06:08 PM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग सिद्धि 09:21 PM
🔅 वार बुधवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 07:23 AM
🔅 चन्द्रोदय चन्द्रोदय नहीं
🔅 चन्द्र राशि मकर
🔅 चन्द्र वास दक्षिण
🔅 सूर्यास्त 06:11 PM
🔅 चन्द्रास्त 06:02 PM
🔅 ऋतु शिशिर

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 कलि सम्वत 5126
🔅 दिन काल 10:48 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत पौष
🔅 मास पूर्णिमांत माघ

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित कोई नहीं
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:25 PM – 01:08 PM
🔅 कंटक 04:44 PM – 05:28 PM
🔅 यमघण्ट 09:32 AM – 10:15 AM
🔅 राहु काल 12:47 PM – 02:08 PM
🔅 कुलिक 12:25 PM – 01:08 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 08:06 AM – 08:49 AM
🔅 यमगण्ड 08:44 AM – 10:05 AM
🔅 गुलिक काल 11:26 AM – 12:47 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन

📜 चोघडिया 📜

🔅लाभ 07:23:05 – 08:44:07
🔅अमृत 08:44:07 – 10:05:09
🔅काल 10:05:09 – 11:26:11
🔅शुभ 11:26:11 – 12:47:13
🔅रोग 12:47:13 – 14:08:15
🔅उद्वेग 14:08:15 – 15:29:17
🔅चल 15:29:17 – 16:50:19
🔅लाभ 16:50:19 – 18:11:21
🔅उद्वेग 18:11:21 – 19:50:16
🔅शुभ 19:50:16 – 21:29:11
🔅अमृत 21:29:11 – 23:08:05
🔅चल 23:08:05 – 24:47:00
🔅रोग 24:47:00 – 26:25:55
🔅काल 26:25:55 – 28:04:49
🔅लाभ 28:04:49 – 29:43:44
🔅उद्वेग 29:43:44 – 31:22:39

❄️ लग्न तालिका ❄️

🔅 मकर चर
शुरू: 06:31 AM समाप्त: 08:07 AM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 08:07 AM समाप्त: 09:42 AM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:42 AM समाप्त: 11:08 AM

🔅 मेष चर
शुरू: 11:08 AM समाप्त: 12:44 PM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 12:44 PM समाप्त: 02:40 PM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 02:40 PM समाप्त: 04:55 PM

🔅 कर्क चर
शुरू: 04:55 PM समाप्त: 07:15 PM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 07:15 PM समाप्त: 09:32 PM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 09:32 PM समाप्त: 11:48 PM

🔅 तुला चर
शुरू: 11:48 PM समाप्त: अगले दिन 02:08 AM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: अगले दिन 02:08 AM समाप्त: अगले दिन 04:26 AM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 04:26 AM समाप्त: अगले दिन 06:31 AM

शास्त्रों के अनुसार माघ में पड़ने वाली मौनी अमावस्या के दिन पवित्र संगम तीर्थ में तैंतीस कोटी देवताओं का निवास होता है इसलिए माघ अमावस्या पर संगम में स्नान से अमृत स्नान का पुण्य मिलता है।

मौनी अमावस्या के दिन प्रातः गंगा नदी / पवित्र नदी या घर में जल में गंगा जल डाल कर स्नान करने से पितृदोष से, गृहक्लेश से मुक्ति मिलती है, सभी तरह के संकटो एवं दुर्घटना से रक्षा होती है।

एक मान्यता ऐसी भी है कि इस दिन मनु ऋषि का भी जन्म हुआ था जिसके कारण भी इस दिन को मौनी अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।

मौनी अमावस्या के दिन प्रात: जल में दूध, काले तिल, अक्षत और सफ़ेद पुष्प डाल कर पितरो का तर्पण करने से पितरो को स्वर्ग में स्थान मिलता है, पितरो का पूर्ण आशीर्वाद मिलता है ।

इस दिन पितरो के निमित दान और घर पर ब्राह्मण भोजन से सभी मनोरथ निश्चय ही पूर्ण होते है ।

इस दिन किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग का अभिषेक, भगवान शंकर की आरधना अवश्य ही करें ।

मौनी अमावस्या के दिन स्नान के बाद तिल के लड्डू, तिल का तेल, आंवला, घी, कम्बल, चावल, वस्त्रादि किसी गरीब ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को दान देने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।

मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन किसी भूखे को भोजन कराने से जो पुण्य मिलता है वह पुण्य जन्म जन्मांतर तक अक्षय होता है, अत: इस दिन किसी भूखे को भोजन अवश्य ही करवाएं या किसी गरीब असहाय की मदद अवश्य करें।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026