May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 जनवरी 2025। डाबला तालाब- ऐसा नाम जो पर्यावरण संरक्षण के लिए दुनिया भर में सफल प्रयास के रूप में पहचाना गया। जहां जसनाथी अनुयायियों ने 12 तलाइयों का निर्माण करवाया, जहां 335 बीघा भूमि पर तारबंदी करवाई, पारिवारिक वानिकी का जीवंत उदाहरण बना, लाखों लोगों को ही नहीं जिला प्रशासन को नि:शुल्क पौधे उपलब्ध करवाए, जहां कई संकटग्रस्त घोषित प्रजातियों के पशु पक्षी व पौधों का संरक्षण किया, संयुक्त राष्ट्र संघ ने जिसका विशेष तौर पर उल्लेख किया और जहां से देव जसनाथ जी के जन्मस्थान को बचाने, सजाने व संरक्षित करने का संदेश दुनिया भर में दिया गया। ऐसे स्थान पर दो वर्ष एक इंच भूमि नहीं खोदी गई और इसके निकट 10 बीघा की लीज लेने वालों ने मात्र एक माह में 70 बीघा भूमि को खोद डाला। श्रीदेव जसनाथ संस्थागत वन मंडल के अध्यक्ष बहादुरमल सिद्ध ने बताया कि लूणकरणसर के उत्तमादेसर की रोही में स्थित ऐसे प्रेरणीय व मिसाल बने स्थान को राज्य व केंद्र सरकार द्वारा संरक्षण दिया जाना चाहिए। ऐसे स्थान को खोद कर जसनाथ जी के अनुयायियों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है। मंडल सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को पत्र देकर अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
श्यामसुदंर ज्याणी की अगुवाई में संवारा, उसे खनन माफिया ने उजाड़ा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मंडल सदस्यों ने बताया कि मंडल ने पर्यावरणविद् प्रोफेसर श्यामसुंदर ज्याणी के मार्गदर्शन में यहां 335 बीघा भूमि जसनाथी अनुयायियों ने तारबंदी करवा संरक्षण का कार्य किया। जिसका अवलोकन कर अक्टूबर 2024 में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने यहां अवलोकन कर इसकी सराहना की। मंडल के समन्वयक हंसराज मोटसरा व कोषाध्यक्ष विश्वनाथ सिद्ध ने बताया कि इसी भूमि के पूर्व में स्थित निजी खातेदारी भूमि में से दस बीघा भूमि पर पांच लोगों को अलग अलग जिप्सम के खनन की लीज राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत की गई। विगत एक माह में जिप्सम खनन लीज धारकों व उनके कार्मिकों ने डाबला तालाब की तारबंदी को क्षतिग्रस्त करते हुए जोहड़ पायतन के क्षेत्र में अवैध खनन किया गया। जिससे यहां तारबंदी ढह जाएगी एवं बड़े पैमाने पर भूमि का कटाव होगा। बारिश के साथ ही जिप्सम बहकर लीज धारक की भूमि पर जाएगा।
तारबंदी कर इसका संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग, की जाए कार्रवाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मंडल सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ये कार्य भूमि राजकीय संपत्ति में संरक्षित होने, सरकारी भूमि में अवैध खनन करने, लाखों लाख जसनाथी अनुसायियों की आस्था से खिलवाड़ करने का आपराधिक कृत्य है। सूप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में सार्वजनिक भूमियों के संरक्षण के संबंध जारी किए गए निर्णय का घोर उल्लघंन है। 10 बीघा की जगह 70 बीघा में खनन किया गया और इस बारे में जिला कलेक्टर व उपखंड अधिकारी लूणकरणसर को अवगत करवाया गया। तहसीलदार ने अवैध खुदाई करते एक ट्रक व जेसीबी जब्त की, परंतु अगले ही दिन यहां पुन: खुदाई प्रारंभ कर दी। मंडल ने मंत्री से डाबला तालाब भूमि की समस्त तारबंदी कर संरक्षण सुनिश्चित कराया जावें। मंडल सदस्यों ने लीज धारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जिन्होंने लीज सीमा से अधिक भूमि पर खनन किया है।