






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 फरवरी 2025। शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया गया। आप भी बजट के बारे में देखें विशेष पेशकश श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के साथ टैक्स एक्सपर्ट सीए रवि शर्मा से.. बजट कई महत्वपूर्ण बदलावों और सुधारों के साथ आया है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य मध्यम वर्ग को कर में राहत देना, किसानों को सशक्त बनाना और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करना है।
आयकर स्लैब में बड़ा बदलाव
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सरकार ने इस बार आम करदाताओं को बड़ी राहत दी है। अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं लगेगा। इससे पहले यह सीमा 7 लाख रुपये थी। विशेष रूप से बता देवें की अगर 12 लाख तक आय है तो कोई टेक्स नहीं देना होगा। लेकिन आय अगर 12 लाख से ज्यादा हो 12.1 हो तो फिर फ्री शुरू के 4 लाख ही माने जाएंगे। शेष टेक्स इस स्लैब से ही लगेगा। नई कर दरें इस प्रकार होंगी: 0-4 nil
4 – 8 5%
8-12 – 10%
12-16 – 15%
16-20 – 20%
20-24 – 25%
above 24 – 30%
4 – 8 5%
8-12 – 10%
12-16 – 15%
16-20 – 20%
20-24 – 25%
above 24 – 30%
यह बदलाव मध्यम वर्ग को राहत देगा और उनकी क्रय शक्ति बढ़ाएगा, जिससे बाजार में मांग को बढ़ावा मिलेगा।
अब चार साल तक भर सकेंगे ‘अपडेटेड रिटर्न’
सरकार ने ‘अपडेटेड रिटर्न’ दाखिल करने की समय सीमा को दो वर्ष से बढ़ाकर चार वर्ष कर दिया है। अब करदाता अपनी पुरानी फाइलिंग में सुधार करने के लिए ज्यादा समय तक अपडेटेड रिटर्न भर सकते हैं। यह उन करदाताओं के लिए फायदेमंद होगा, जिन्हें बाद में अपनी आय या कर देयता में कोई गलती का एहसास होता है।
किसानों को राहत: केसीसी सीमा बढ़ाई गई
किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की ऋण सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। इससे किसानों को खेती में निवेश करने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने में आसानी होगी। साथ ही, उच्च उपज वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक नई योजना की भी घोषणा की है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और उद्योगों को बढ़ावा
सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास पर बड़ा जोर दिया है। रेलवे, राजमार्गों और हवाई अड्डों के विस्तार के लिए नए प्रोजेक्ट लॉन्च किए गए हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के लिए विशेष योजनाएँ लाई गई हैं, जिससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
नवीकरणीय ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत
पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इससे भारत की ऊर्जा निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
बजट 2025: एक संतुलित दृष्टिकोण
यह बजट संतुलित और विकासोन्मुखी है। आयकर में राहत, किसानों के लिए समर्थन, और उद्योगों के लिए नई योजनाएँ, ये सभी देश की आर्थिक वृद्धि को गति देंगे।



