






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 फरवरी 2025। जमीन के लालच में क्षेत्र में आए दिन अपने ही परिवार के साथ धोखाधड़ी करने के मामले लगातार सामने आ रहे है। मंगलवार को श्रीडूंगरगढ़ थाने में गांव रीड़ी निवासी तेजाराम ने अपने ताऊ के बेटे भाई मामराज, भंवरलाल व नौरंगलाल, मामराज की पत्नी लिछमा, भंवरलाल की पत्नी मुन्नीदेवी एवं मामराज के पुत्र लालाराम के खिलाफ धोखाधड़ी कर अपनी जिंदा मां का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा कर जमीनें अपने नाम करवाने एवं नौरंगलाल पर झूठा वारिस प्रमाण पत्र बना कर खुद को अपने चाचा का बेटा कागजों में साबित कर चाचा के हिस्से की जमीन भी अपने नाम करवा लेने का आरोप लगाते हुए जरीए इस्तगासा मामला दर्ज करवाया है। तेजाराम ने पुलिस को बताया कि उसके दादा गोमदराम के खातेदारी खेत में उसके पिता बालुराम एवं चाचा-ताऊ मंशाराम, प्रभूराम, दुलाराम कुल चार जनों का हिस्सा था एवं खेत विरासतन ही चल रहे थे। उसके पिता की मौत के बाद पिता के हिस्से की जमीन के वारिस परिवादी स्वयं व उसका भाई गोपालराम, बहिन रामी एवं मां मनोहरीदेवी के नाम से इंतकाल चढ़ना था। लेकिन आरोपी नौरंगलाल ने गत 6 अप्रेल 2011 को फर्जी इंतकाल चढ़वाते हुए खुद को भी बालूराम का पुत्र बताया दिया एवं बालूराम के हिस्से की जमीन में उसके चार वारिसों के साथ साथ खुद का पांचवा हिस्सा भी लेकर जमीन अपने नाम चढ़वा ली। वहीं आरोपियों के पिता प्रभूराम का देहांत होने के बाद प्रभूराम की पत्नी धन्नीदेवी के नाम चढ़े हुए हिस्से को भी आरोपियों ने धन्नीदेवी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दर्ज करवा कर अपने नाम चढ़वा ली। आरोपियों ने यह भूमि आगे अपनी पत्नियों को गिफ्ट डीड कर दी एवं जमीनों पर लाखों रुपए का लोन भी उठा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है एवं जांच एएसआई राजकुमार को दी गई है।




