






अनुप्रति कोचिंग योजना में आवेदन अब 23 फरवरी तक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेज एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से उत्कृष्ट रूप से कोचिंग सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। जिले में मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन की तिथि को 23 फरवरी तक बढ़ाया गया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पवार ने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स एवं नौकरियों के लिए 30 हजार सीटों पर वरीयता अनुसार प्रवेश दिए जाने के लिए अभ्यर्थियों से वर्ष 2024-25 के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजनान्तर्गत पात्र अभ्यर्थी द्वारा कोचिंग किए जाने के लिए अपने आवेदन एसएसओ पोर्टल द्वारा विभागीय एसजेएमएस एसएमएस एप के माध्यम से ऑनलाईन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा, आरपीएससी द्वारा आयोजित आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा, सब इंस्पेक्टर, पूर्व में 3600 ग्रेड पे तथा वर्तमान पर मेट्रिक्स पे-लेवल 10 की अन्य परीक्षाएं, रीट परीक्षा, आरएसएसबी द्वारा आयोजित पटवारी, कनिष्ठ सहायक व समकक्ष अन्य परीक्षा, कान्सटेबल परीक्षा, बैंकिंग एवं बीमा के विभिन्न परीक्षाएं, इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षा, क्लेट, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड, यूपीएससी द्वारा आयोजित कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज, स्टाफ सिलेक्शन कमिश्नर द्वारा आयोजित परीक्षाएं सीडीएस एवं एसएससी, सीयूईटी आदि परीक्षाओं की तैयारी कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से कराई जाती है। संयुक्त निदेशक ने बताया कि योजनान्तर्गत आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडा वर्ग, अति पिछडा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, आर्थिक पिछडा वर्ग एवं विशेष योग्यजन श्रेणी का सदस्य हो तथा राज्य का मूल निवासी होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के संबंध में नवीनतम विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाईट पर प्राप्त की जा सकती है।
पीएम आवास योजना के आवेदन 31 मार्च तक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में आवेदन की तिथि 31 मार्च कर दी है। वहीं विदित रहें केंद्र सरकार ने कच्चे मकान और बगैर छत वाले परिवारों का नाम सूची में जोड़ने के लिए 10 मापदंड निर्धारित किए हैं। किसी भी मापदंड के पूरा न कर पाने पर हितग्राही को लिस्ट से बाहर कर दिया जाएगा। अगर परिवार के किसी सदस्य की आमदनी 15 हजार रूपए महीने से अधिक पाई जाएगी तो उसे योजना का पात्र नहीं माना जाएगा। वहीं 50 हजार से अधिक केसीसी लिमिट वाले किसान भी दायरे से बाहर होंगे। एक परिवार के एक ही सदस्य को लाभ दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन परिवारों की सूची का काम पंचायत स्तर पर सर्वे कराकर शुरु कराया गया है।




