






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 अप्रैल 2025। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩 शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 30-Apr-2025
☀ Sri Dungargarh, India
🔅 तिथि तृतीया 02:15 PM
🔅 नक्षत्र रोहिणी 04:19 PM
🔅 करण गर, वणिज 02:15 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग शोभन 12:01 PM
🔅 वार बुधवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 05:55 AM
🔅 चन्द्रोदय 07:37 AM
🔅 चन्द्र राशि वृषभ 03:16 AM
🔅 चन्द्र वास दक्षिण
🔅 सूर्यास्त 07:07 PM
🔅 चन्द्रास्त 10:23 PM
🔅 ऋतु ग्रीष्म
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 काली सम्वत 5126
🔅 दिन काल 13:12:12
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत वैशाख
🔅 मास पूर्णिमांत वैशाख
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:05 PM 12:57 PM
🔅 कंटक 05:21 PM 06:14 PM
🔅 यमघण्ट 08:33 AM 09:26 AM
🔅 राहु काल 12:31 PM 02:10 PM
🔅 कुलिक 12:05 PM 12:57 PM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 06:48 AM 07:40 AM
🔅 यमगण्ड 07:34 AM 09:13 AM
🔅 गुलिक काल 10:52 AM 12:31 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन
📜 चोघडिया 📜
🔅 लाभ 05:54 AM – 07:33 AM
🔅 अमृत 07:33 AM – 09:12 AM
🔅 काल 09:12 AM – 10:52 AM
🔅 शुभ 10:52 AM – 12:31 PM
🔅 रोग 12:31 PM – 02:10 PM
🔅 उद्वेग 02:10 PM – 03:49 PM
🔅 चल 03:49 PM – 05:28 PM
🔅 लाभ 05:28 PM – 07:07 PM
🔅 उद्वेग 07:07 PM – 08:28 PM
🔅 शुभ 08:28 PM – 09:49 PM
🔅 अमृत 09:49 PM – 11:10 PM
🔅 चल 11:10 PM – 00:31 AM
🔅 रोग 00:31 AM – 01:52 AM
🔅 काल 01:52 AM – 03:12 AM
🔅 लाभ 03:12 AM – 04:33 AM
🔅 उद्वेग 04:33 AM – 05:54 AM
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 मेष चर
शुरू: 05:09 AM समाप्त: 06:45 AM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 06:45 AM समाप्त: 08:41 AM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:41 AM समाप्त: 10:56 AM
🔅 कर्क चर
शुरू: 10:56 AM समाप्त: 01:16 PM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 01:16 PM समाप्त: 03:33 PM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 03:33 PM समाप्त: 05:50 PM
🔅 तुला चर
शुरू: 05:50 PM समाप्त: 08:09 PM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 08:09 PM समाप्त: 10:28 PM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 10:28 PM समाप्त: 00:32 AM
🔅 मकर चर
शुरू: 00:32 AM समाप्त: 02:15 AM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 02:15 AM समाप्त: 03:43 AM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:43 AM समाप्त: 05:09 AM
🌺।। आज का दिन मंगलमय हो।।🌺
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
* बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।
आज अति पवित्र अक्षय तृतीया है । अक्षय तृतीया को अनबुझ मुहूर्त माना जाता है, अर्थात यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है इस दिन किसी भी मुहूर्त को देखने की आवश्यकता नहीं होती है ।
यह तिथि यदि सोमवार तथा रोहिणी नक्षत्र के दिन आए तो इस दिन किए गए जप-तप, दान आदि का अक्षय फल प्राप्त होता हैं।
मान्यता है कि इस दिन बिना पंचांग देखे कोई भी मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृह-प्रवेश, वस्त्र-आभूषणों, घर, जमीन, वाहन आदि की खरीददारी से करना शुभ होता हैं।
अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान विष्णु के छठें अवतार कहे जाने वाले भगवान परशुराम जी का जन्म महर्षि जमदाग्नि और माता रेनुकादेवी के घर हुआ था। इसी कारण अक्षय तृतीया के दिन परशुराम जी एवं भगवान विष्णु की उपासना की जाती है।
अक्षय तृतीया को एक शुभ दिन के तौर पर गिना जाता है। नए सामान की खरीदारी और निवेश के लिए इस दिन को बहुत शुभ मानते हैं। इस दिन घर में हवन, पूजा और पितरों को श्राद्ध करना अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है।
मान्यता है कि यदि किसी को किसी भी अच्छे कार्य के लिए कोई शुभ मुहुर्त नहीं मिल पा रहा हो उसके कार्यों में लगातार अड़चने आती है, व्यापार में घाटा होता है तो उनके लिए कोई भी नई शुरुआत करने के लिए शुभ कार्य, लाभ का कार्य करने का अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है। ।
पौराणिक कथा और ग्रंथों के अनुसार इस दिन आप जो भी शुभ कार्य करते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026



