






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 जून 2025। सोमवार को लिखमीसर दिखाणादा व उत्तरादा, राजेडू व बापेऊ में शिविरों का आयोजन हुआ। चारों ही शिविरों का निरीक्षण करते हुए उपखंड अधिकारी उमा मित्तल ने सभी विभागों को ग्रामीणों के अधिकाधिक कार्य करने के निर्देश दिए। सभी स्थानों पर मित्तल ने पौधारोपण करते हुए ग्रामीणजन को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। उपखंड अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को क्षेत्र के गांव सोनियासर शिवदानसिंह, सोनियासर मिठिया, बरजांगसर व कुनपालसर में शिविरों का आयोजन होगा। उन्होंने ग्रामीणों से शिविरों का लाभ उठाने की अपील की।
बापेऊ में सैंकड़ो काश्तकार हो रहें थे प्रभावित, समझाईश से खुलावाया रास्ता।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बापेऊ में आयोजित शिविर में खसरा नबंर 510 में बंद रास्ता खुलवाने की कार्रवाई की गई। ये मार्ग बंद होने के कारण करीब 150 काश्तकार प्रभावित हो रहे थे। शिविर प्रभारी तहसीलदार कुलदीप मीणा से ग्रामीणों ने ये रास्ता खुलवाने की मांग की, मीणा ने कड़ी समझाईश के बाद मौके पर आम सहमति से रास्ता खुलवा कर प्रकरण का निस्तारण किया तो ग्रामीणों ने उनका आभार जताया। शिविर में चिकित्सा विभाग द्वारा पोषण कीट का वितरण किया गया। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा भी अनेक पशुओं की जांच की गई। सरपंच चेतनराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर में मौजूद रहें।
लिखमीसर में 100 पशुओं को लंपी का व 120 को गलघोंटू के टीके लगाए, पेयजल समस्य का किया निस्तारण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लिखमीसर उत्तरादा के शिविर में गांव की पेयजल किल्लत मुख्य रूप से ग्रामीणों में रखी। गांव में चार ट्यूबवेल है और चारें ही भूमिगत जल नीचे चले जाने के कारण बंद हो गए है। ऐसे समस्या निस्तारण के लिए विभाग के एईएन कैलाश वर्मा ने एक ट्यूबवेल में नई मोटर व एक में बूस्टर लगवा कर एक दो दिन में ही पेयजलापूर्ति सुचारू करवाने के लिए कार्य प्रारंभ कर दिया। नायब तहसीलदार व शिविर प्रभारी सुरजीत कुमार धायल ने जानकारी देते हुए बताया पेयजल समस्या के समाधान के साथ ही शिविर में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा 120 पशुओं को गलघोंटु रोग का टीका व 100 पशुओं को लंपी का टीका लगाया गया। 71 अन्य पशुओं की जांच भी की गई। शिविर में गांव के एक दिव्यांग ने डिजिटल कार्ड की मांग की जिस पर चिकित्सा विभाग द्वारा स्वालबंन पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया कि दिव्यांग जन को राहत देने के लिए 15 जुलाई से पोर्टल काम करना शुरू करेगा, जिसमें दिव्यांगजन रजिस्ट्रेशन करवा अपना डिजिटल कार्ड प्राप्त कर सकेंगे। सहायक विकास अधिकारी गिरधारी स्वामी 3 रोगीयों को पोषण कीट का वितरण किया गया। शिविर में कृषि विभाग द्वारा 8 मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए और सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के द्वारा 6 पेंशन आवेदन का सत्यापन किया गया। सरपंच राधादेवी शिविर में मौजूद रही व सक्रिय रहकर ग्रामीणों के कार्य करवाने का प्रयास किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर में पहुंचे।
राजेडू में 89 वर्षीय भगवती देवी की पेंशन शुरू करवाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शिविर में मनरेगा योजनान्तर्गत अपना खेत अपना काम के तहत 45 आवेदन लिए गए | स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजनान्तर्गत 12 व्यक्तिगत शौचालय की स्वीकृति जारी की गयी। 9 पेंशनधारियों का वार्षिक सत्यापन किया गया तथा 1 विधवा पेंशन और 4 वृध्दावस्था पेंशन हेतु आवेदन लिए गए। शिविर में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 11 मनरेगा श्रमिकों की बीमा करवाई गयी। शिविर प्रभारी तहसीलदार कुलदीप मीणा ने बताया कि गांव में 89 वर्षीय भगवती देवी पत्नी कानाराम शर्मा का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पाने के कारण वृध्दावस्था पेंशन प्राप्त नहीं हो पा रही थी। मौके पर ही भगवती देवी का OTP द्वारा पेंशन सत्यापन कर उनकी पेंशन शुरू करवई गई तो भगवती देवी ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। सहायक विकास अधिकारी गोपालप्रसाद शर्मा ने बताया कि गांव मुकनाराम पुत्र परताराम मेघवाल आजीविका के लिए कृषि और पशुपालन पर निर्भर है। कड़ी धूप और बारिश के मौसम में पशुओं के लिए शेड की व्यवस्था नहीं होने तथा पानी के लिए कुंड की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता था। शिविर में मनरेगा योजनान्तर्गत अपना खेत अपना काम के तहत मुकनाराम को कैटलशेड और जलकुंड निर्माण की स्वीकृति जारी की गयी। मुकनाराम ने शिविर में तत्काल कार्य होने पर सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर में भू अभि. निरीक्षक गिरधारी लाल, सरपंच मेथी देवी, ग्राम विकास अधिकारी सुदर्शन महिया, पटवारी मूलसिंह सहित कुल 13 विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
लिखमीसर उत्तरादा में शिविर में 13 साल का इंतजार हुआ समाप्त, पशुपालन विभाग को मिली भूमि।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लिखमीसर उत्तरादा के शिविर में 3 खातों का विभाजन आपसी सहमति से करवाया गया। जिसकी लाभार्थियों ने सराहना की। शिविर प्रभारी नायब तहसीलदार विनोद कुमार ने बताया कि 6 प्रकरणों में सीमाज्ञान करवाया गया। 9 खातों का नामातंरण संपन्न करवाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि शिविर में उपखंड अधिकारी उमा मित्तल द्वारा गांव का 13 साल का इंतजार खत्म कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार जताते कहा कि पशुपालन विभाग बीकानेर के पशु चिकित्सा उपकेन्द्र के लिए 100×100 वर्गफीट भूमि की स्वीकृति प्रदान की गई। जिसमें पशुपालन विभाग के डॉ आशीष तंवर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गांव लिखमीसर उत्तरादा में 13 साल से पशु ऊपकेंद्र स्वीकृत है। जो एक किराए के मकान में संचालित हो रहा है। ऐसे में कई बार इसे बदलना पड़ता है जिससे विभाग सहित पशुपालक खासे परेशान हो रहे थे। विभाग भूमि के आभाव में संस्था का निर्माण भी नहीं करवा पाया। इसी चर्चा पर उमा मितल ने शिविर मे उपस्थित राजस्व अधिकारियों को तुरंत भूमि दिए जाने के निर्देश दिए। इस पर नायब तहसीलदार पटवारी, सरपंच की उपस्थिति में सभी कार्य पूरा किया गया।







