






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 अगस्त 2025। शराब के कारण गांव के युवाओं को अपराध की और बढ़ते देख गांव धीरदेसर चोटियान के बुजुर्गों, महिलाओं एवं जागरूक युवाओं ने गांव में शराब ठेका बंद करवाने का आंदोलन शुरू किया। पूरा गांव एकजुट हुआ एवं प्रशासन के पास शराबबंदी की मांग की। आज 350 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन गांव में जबरन शराब बेचने पर आमादा है। ग्राम पंचायत की आम सभा में प्रस्ताव पारित करवाने, धरना लगाने, विरोध ज्ञापन नीचे से उपर तक सभी अधिकारियों को दिए जाने जैसे ग्रामीणों के लोकतांत्रिक तरीकों को जब प्रशासन ने शराब ठेकेदारों के दबाव में स्वीकार नहीं किया। इस पर ग्रामीणों ने उच्च न्यायालय की शरण ली एवं गत 23 अप्रैल 2025 को उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा ग्रामीणों की मांग, प्रक्रिया जायज मानते हुए आबकारी आयुक्त उदयपुर एवं जिला कलेक्टर बीकानेर को नियम 1975 के तहत दो महीनों में शराबबंदी पर मतदान करवाने आदेश दिए थे। गांव के ही युवा एवं जोधपुर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राकेश चोटिया ने बताया कि आबकारी विभाग एवं जिला कलेक्टर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की भी पालना नहीं की गई। इस पर आबकारी आयुक्त उदयपुर एवं जिला कलेक्टर बीकानेर को कोर्ट ऑफ कंटेप्ट के नोटिस भी दिए गए। उसके बाद ग्रामीणों द्वारा पुन: माननीय न्यायालय के समक्ष अवमानना याचिका दाखिल की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने गत 30 जुलाई को इसे स्वीकार किया एवं दोनो अधिकारियों को व राज्य सरकार को शो-कॉज नोटिस जारी किया है एवं जवाब तलब किया है।



