






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 अगस्त 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में दस दिन पहले तो हर और मायूसी छाई हुई थी कि यहां कम बारिश से अकाल का साया मंडराने लगा। अब क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश ने किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद तो जगा दी, लेकिन फसलों के लहलहाने के साथ ही विद्युत विभाग अब उम्मीदों को तोड़ने में लग गया है। क्षेत्र में विद्युत निगम द्वारा बकाया वसूली एवं अवैध कनेक्शन पर कार्रवाई का अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत पूरे क्षेत्र में कार्रवाईयां की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दो दिनों में ताबडतोड़ कार्रवाई करते हुए 21 से अधिक खेतों से ट्रांसफार्मर उतार लिए गए है। विभाग द्वारा शुक्रवार को 7 बकाया एवं 4 अवैध ट्रांसफारमर उतारे गए। वहीं शनिवार को खबर लिखे जाने तक 7 बकाया एवं 3 अवैध ट्रांसफारमर उतारे गए है। विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता विष्णु मैथी ने बताया कि पूरे डिस्कॉम क्षेत्र में यह अभियान चल रहा है एवं एक लाख से अधिक राशि बकाया वाले कनेक्शनों से वसूली करने, अवैध कनेक्शन हटाने के निर्देश उच्च स्तरीय अधिकारियों से प्राप्त है। अधिकारी अभियान को लगातार जारी रखने के निर्देशों की बात कह रहे है।
पुलिस की दो गाडियों सहित खेतों में पहुंच रहा है काफिला, क्षेत्र में माहौल गर्माया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र में किसानों से बकाया वसूली के लिए चल रहे अभियान के तहत विभाग की टीम पूरे लवाजमें एवं काफिले के साथ खेतों में पहुंच रहा है। टीम में शामिल हो रहे जोनल विजिलेंस एईएन, ग्रामीण विजिलेंस एईएन, स्थानीय एक्सईएन, एएईएन, जेईएन, टेक्निकल स्टॉफ व पुलिस के पुरूष एवं महिला जवानों की दो गाड़ियां सहित 6-7 गाडियों का काफिला बन रहा है। इस दौरान ग्रामीणों व किसानों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है लेकिन कार्मिकों के लवाजमे के कारण विरोध दब रहा है। विभाग की इस कार्रवाई के कारण क्षेत्र का माहौल गर्मा रहा है एवं फसलें पकाव पर आने के समय की जा रही कार्रवाई के विरोध में स्वर भी उठने लगे है।
किसानों के साथ अन्याय सहन नहीं होगा – विवेक माचरा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शुक्रवार एवं शनिवार को हुई बिजली विभाग की कार्रवाइयों के विरोध में शनिवार को क्षेत्र के युवा नेता विवेक माचरा ने मोर्चा खोला एवं निगम अधिकारियों को चेतावनी देते हुए नियमविरूद्ध किसानों के ट्रांसफारमर उतारने की कार्रवाई पर चेताया। माचरा ने विभाग पर किसान विरोधी राजनीति का हिस्सा बन कर द्वेषतापूर्वक कार्रवाई करने के आरोप लगाए है। माचरा ने क्षेत्र में फसल पकने के बाद ही प्रतिवर्ष बिजली के बिल भरे जाने की स्थिति बताते हुए इस वर्ष जानबूझ कर किसानों की पकाव पर आई फसलों को बर्बाद करने का प्रयास बताया। माचरा ने स्थानीय विधायक पर भी आरोप लगाते हुए निगम कार्मिकों को नियमविरूद्ध कार्य के खिलाफ मौन पर रोष जताया है। माचरा ने बिजली विभाग के जिला स्तरीय उच्च अधिकारियों से वार्ता करके इस प्रकार की ग़ैर क़ानूनी कार्रवाई कर रहे अधिकारियों को निलम्बित करने की मांग की है, क्योंकि राज्य सरकार और बिजली विभाग द्वारा किसान को बिल भुगतान करने का जो समय और राहत दी जानी होती है। उन सब नियमों की ये अधिकारी अवहेलना कर रहे हैं। साथ ही भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 356 के तहत बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी किसान / उपभोक्ता का कनेक्शन बिना पूर्व चेतावनी नोटिस के नहीं काट सकने की जानकारी देते हुए इन अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
19 अगस्त को ही उठाई थी मांग, अब गमी के मौके पर कर रहे अन्याय – महिया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। माचरा के बाद शनिवार को पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने भी बिजली विभाग के इस अभियान पर रोष जताते हुए पिछले 19 अगस्त को हमारी किसान सभा रैली में हमनें यही मांग की थी कि किसानों के बकाया पर पेन्लटी एवं ब्याज दरों में छूट करते हुए फसल निकालने तक का समय बिल भरने के लिए दिया जाए। इस पर विद्युत अधिकारियों ने मौखिक सहमति भी दी थी, एवं क्षेत्र में हर साल फसल निकालने के समय ही बिल भरा जाता है। लेकिन अभी मेरे परिवार में गमी होने के मौके का फायदा लेते हुए व्यापारी बने विद्युत विभाग द्वारा किसानों पर अन्याय किया जा रहा है। यह किसी भी प्रकार से सहन नहीं किया जाएगा। वर्तमान में मूंगफली व अन्य फसलें पकाव पर है और किसानों के पास पैसे फसल निकालने पर ही आएगें। ऐसें में निगम तत्काल अपनी कार्यवाहियों को रोकें अन्यथा किसान सड़कों पर होंगे और निगम अधिकारियों को अपने दफ्तरों से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा।



