






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 अगस्त 2025। आत्मा परमात्मा का स्वरूप है और गीता मूल से जुड़ना सीखाती है। विद्यार्थी गीता से जुड़कर जीवन का हर कार्य ईश्वर प्रेम के लिए करना सीख सकते है। विद्यार्थी अहंकार का त्याग करें और नशे से दूर रहें। ये प्रेरणा कस्बे के पांच विद्यालयों में सैंकड़ो विद्यार्थियों को स्वामी विमर्शानंदजी महाराज ने दी। मानव प्रबोधन प्रन्यास, शिवमठ बीकानेर के मठाधीश स्वामी विमर्शानंदजी महाराज आज 29वीं गीता लिखित परीक्षा के 19 सितंबर को होने वाले आयोजन में शामिल होने की प्रेरणा देने श्रीडूंगरगढ़ पहुंचे। उन्होंने कहा कि शिक्षक जीवन का आचरण विद्यार्थियों पर प्रभावशाली छाप छोड़ता है। इसलिए शिक्षक गीता से जुडे और विद्यार्थियों को जोड़े जिससे वे सफल जीवन के रहस्य को जान सकें। विद्यालय संचालको ने स्वामी जी का अभिनंदन किया। इस दौरान प्रन्यास के तहसील प्रभारी कांतिप्रकाश दर्जी और वीरेद्र कुमार व्यास स्वामी जी के साथ रहें। इन्होंने गीता लिखित परीक्षा व परीक्षा से संबंधित पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए पूरा प्रारूप बताया। स्कूल संचालकों ने परीक्षा के आयोजन व स्कूली छात्र छात्राओं के परीक्षा में शामिल होने का आश्वासन दिया।
भारती में विद्यार्थियों को दी नशे से दूर रहने की प्रेरणा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। स्वामी विमर्शानंदजी महाराज ने भारती निकेतन शिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी। स्वामी जी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन तपस्वी का जीवन होता है, और इसकी नींव पर भविष्य निर्माण किया जाता है। यदि विद्यार्थी जीवन में गीता के ज्ञान को समझा जा सकें तो पूरा जीवन सफल हो सकता है। स्वामीजी ने गीता लिखित परीक्षा में भाग लेने का आह्वान बच्चों से किया। स्कूल प्रबंधन के ओमप्रकाश स्वामी ने स्वामीजी का अभिनंदन किया।
एजी मिशन में दी संस्कार मजबूत करने की प्रेरणा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। स्वामी विमर्शानंदजी महाराज ने एजी मिशन इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों में संस्कारों की नींव को मजबूत करने की प्रेरणा दी। स्वामी जी ने यहां कहा कि बच्चों का मन कोरा कागज होता है और इस उम्र में वे जिस संस्कार में पड़ जाते है वही उनके जीवन की दिशा का निर्धारण करते है। इसलिए गीता अध्ययन के साथ जुड़कर विद्यार्थी जीवन का सत्य जान सकते है। स्कूल प्रबंधन के डॉ रजनीश कौशिक ने स्वामी जी का आभार जताते हुए अभिनंदन किया। इस दौरान स्कूल का पूरा स्टाफ भी मौजूद रहा।
श्रीडूंगरगढ़ पब्लिक स्कूल में दी सत्य को समझने की प्रेरणा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। स्वामी विमर्शानंद जी महाराज ने श्रीडूंगरगढ़ पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों को जीवन में सत्य जानने के प्रति सदैव जिज्ञासु रहने की बात कही। स्वामी जी ने कहा कि जीवन का मूल व सत्य को पहचानने वाली दृष्टि का विकास गीता अध्ययन से ही होती है। यहां स्कूल के संचालक कांतिप्रकाश थेपड़ा ने स्वामी जी का अभिनंदन किया। इस दौरान स्कूल का स्टाफ मौजूद रहा व गीता लिखित परीक्षा की तैयारी बच्चों को करवाने की बात कही।
इसके बाद स्वामी जी ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय व नानूदेवी आर्दश विद्या मंदिर स्कूल भी पहुंचे व बच्चों से परीक्षा में शामिल होने का आह्वान किया।






