






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 सितंबर 2025। स्कूल शिक्षा के मंदिर है और संस्था प्रधान यहां के संचालक है। वे कर्तव्यनिष्ठता के साथ अगली पीढ़ी को शिक्षित बनाने के साथ संस्कारवान बनाने के दायित्व का निर्वहन करें जिससे समाज में शिक्षा का महत्व व गुरूजनों का सम्मान कायम हो सकें। ये प्रेरणा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरोज पूनियां वीर ने राउमावि व राबाउमावि के संस्था प्रधानों की तेजा मंदिर में गुरूवार को आयोजित वाकपीठ में दी। पूनियां ने संस्था प्रधानों को ऑनलाइन रहकर टैक्निकल फ्रेंडली होने की बात कही। उन्होंने बच्चों पर ध्यान देने व उनसे संबंधीत सूचनाए समय पर अपडेट करने की बात कही। इससे पूर्व वाकपीठ का प्रारंभ सरस्वती पूजन से हुआ। शाला दर्पण के बारे में जैसलसर राउमावि के प्रधानाचार्य देवीसिंह राजपुरोहित ने जानकारी दी। इस दौरान संस्था प्रधानों ने गांवो में प्रापर नेट नहीं चलने से पोर्टल चलने में आने वाली परेशानी के बारे में भी बताया। जिसका निस्तारण भी राजपुरोहित ने किया। राजपुरोहित के आह्वान पर संस्था प्रधानों ने आगामी पांच दिन में बच्चों संबंधी जानकारियां शाला दर्पण पोर्टल पर पूरी करने का आश्वासन दिया। लिखमादेसर राउमावि के प्रधानाचार्य लक्ष्मीकांत वर्मा ने एनएमएमएस, इन्सपायर अवार्ड सहित विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्तियां, मिशन स्टार्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बजरंगलाल सेवग ने अवकाश व वित्त के बारे में बताया व राउमावि धनेरू के विजयसिंह रणवा ने यू डाईस, ओआरएफ, प्रबल के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अशोक कुमार ने वाकपीठ में विद्यालय रिकॉर्ड संधारण व वाऊचर, एमडीएम कैशबुक के बारे में बताया। राउमावि आड़सर के प्रधानाचार्य पवन कुमार शर्मा ने नामांकन ठहराव, प्रार्थना सभा व अन्य गतिविधियां, जिला रैंकिग के विभिन्न बिंदू, शी बॉक्स के बारे में वार्ता प्रस्तुत की। वहीं खुला सत्र के साथ वाकपीठ का समापन हुआ। कार्यक्रम में पूर्व सीबीईईओ ओमप्रकाश प्रजापत व मार्च 2025 से जनवरी 2026 तक सेवानिवृत होने वाले अधिकारियों का सम्मान किया गया। वाकपीठ में उपखंड क्षेत्र के सभी राउमावि के संस्था प्रधान शामिल हुए।








