






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 सितंबर 2025। सोशल मीडिया के जमाने में शहरों की दूधिया रोशनी की गुमनाम जिदंगी के लिए अपने गांव, अपनी चौपाल, अपनी अपनायत कभी ना छोड़े। लोकतंत्र के समय में जब ताकत सिरों से गिनी जाती है, तो अपनी धरती के अपने लोगों को सहकार भाव से साथ लेकर चलें। हम रघुकुल वंश के लोग है और एक सबके लिए सब एक के लिए का भाव रखें। सामाजिक स्तर पर उपहास निंदा में नहीं प्रयास, साथ और विकास पर ध्यान केंद्रीत करें। ये प्रेरणा पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने दी और मौका था श्री रघुकुल राजपूत छात्रावास में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह का। राठौड़ ने प्रभावी व्यक्त्वय देते हुए कहा कि राजतंत्र जागीरदारी के जमाने लद गए है। लोकतंत्र में किसी एक का नहीं बल्कि सामूहिकता का महत्व है। बेसहारों का सहारा बनना हमारी परंपरा रही है। उन्होंने भगवान राम, बाबा रामदेव व पाबूजी का स्मरण करते हुए कहा कि हमारी मिट्टी, हमारी परंपरा, हमारे लोग के लिए हम जीए है। राठौड़ ने टूट रहें संयुक्त परिवारों, अपने गांवो से बिछोह, अपनी मिट्टी से दूर होने, अपनी जड़ों से विलग होने की बढ़ती मानसिकता पर चिंता जताई उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर परिवार ही परंपराओं, मान्यताओं के विघटन का कारण है। अपनी मिट्टी से अपणायत की जरूरत है। उन्होंने नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ संस्कार देने की बात कही। उन्होंने प्रतिभाओं को समाज का गौरव बनने की बात कही। उन्होंने बालिकाओं का समाज का भविष्य बताया। राठौड़ ने समारोह में ऊर्जा का संचार कर दिया और समारोह की सराहना करते हुए दानदाताओं का आभार जताया। राठौड़ ने भवन निर्माण में 5 लाख 1 हजार रूपए की राशि सहयोग की घोषणा की। दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। स्वागत उद्बोधन पूर्व प्रधान छैलूसिंह शेखावत ने दिया। एडवोकेट भरतसिंह सेरूणा ने प्रारंभ से लेकर आजतक के निर्माण कार्यों एवं संस्थान का परिचय प्रस्तुत किया। रघुकुल सेवा संस्थान अध्यक्ष कल्याण सिंह झंझेऊ ने सभी अतिथियों का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन अगरसिंह कोटासर व यशवंतसिंह मिंगसरिया ने किया।
विधायकों ने संगठन की शक्ति याद दिलाई, ये रहें मंच पर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। समारोह में मंच पर विधायक ताराचंद सारस्वत समाज की गतिशीलता के लिए ऐसे सार्थक आयोजन किए जाने की बात कही। उन्होंने संगठित व एक दूसरे का सहयोगी बनने की प्रेरणा देते हुए पाठ्यक्रम में हमारे गौरवशाली इतिहास को पूरा स्थान देने की पैरवी की। सादुलपुर विधायक मनोज न्यांगली ने समाज की एकजुटता के लिए आयोजन का महत्व बताया। उन्होंने समाज के युवाओं को लक्ष्य निर्धारित करने व उसे हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा दी। लोकतंत्र में समाजिक एकता किसी को हराने व जिताने का महत्व लक्षित करने की बात कही। मंच पर विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा, कर्णप्रताप सिंह, एडवोकेट भरतसिंह राठौड़, पूर्व प्रधान छैलूसिंह शेखावत, कल्याणसिंह, शेरसिंह, भंवरसिंह, नत्थूसिंह, राजवीरसिंह, रतनसिंह मंच पर मौजूद रहें। गांव गांव से राजपूत समाज के लोग कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। महिला शक्ति ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। मंच पर मौजूद रहें सभी अतिथियों का साफा, शॉल पहना कर स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
प्रतिभाओं का हुआ मान सम्मान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अतिथियों ने सभी दानदाताओं का सम्मान किया। 10वीं व 12वीं में श्रेष्ठ अंक प्राप्त करने वाली प्रतिभाओं, खेलों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का व सरकारी नौकरियों में चयनित प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। मंच पर राजकीय सेवा में चयनित 32 युवाओं का, कक्षा 10 की 45 प्रतिभाएं, कक्षा 12 की 90 प्रतिभाएं, खेलों में नेशनल एवं स्टेट खेल चुके 21 खिलाड़ियों, उच्च शिक्षा में 11 प्रतिभाओं, विभिन्न विशेष प्रतिभावान युवाओं सहित कुल 221 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
खूब हुई घोषणाएं, भूमि आवंटन की मांग की।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीरघुकुल राजपूत छात्रावास के भवन निर्माण के लिए दानदाताओं ने बढ़चढ़ कर सहयोग दिया। झंझेऊ के भंवरसिंह तंवर ने भवन निर्माण के लिए 11 लाख रूपए की राशि दी गई है। छैलूसिंह टाइगर पुलंदसर ने भी 11 लाख रूपए की राशि दी। छात्रावास समिति के अध्यक्ष कल्याणसिंह केऊ, रतनसिंह केऊ ने पांच पांच लाख रूपए की सहयोग राशि दी। वहीं पुदंलसर के ज्ञानसिंह शेखावत की स्मृति में उनके पुत्रों द्वारा तथा महेंद्रसिंह तंवर बिग्गा द्वारा एक एक कमरा निर्माण की घोषणा की गई। समारोह में विक्रमसिंह पंवार ने 1,21000 रूपए, पृथ्वीसिंह राठौड़ द्वारा 1,01,000 रूपए, धर्मास के उम्मेद सिंह ने एक लाख रूपए की राशि छात्रावास निर्माण में सहयोग स्वरूप सौंपी। दानदाता रामसिंह झंझेऊ, रघुवीरसिंह चंद्रावत जोधासर, रेवंतसिंह शेखावत श्रीडूंगरगढ़, पन्नेसिंह पुंदलसर, रिछपालसिंह बेजासर, मालसिंह पुंदलसर, जगमालसिंह बीदावत, प्रतापसिंह कितासर, रणजीतसिंह जालबसर, गणेशसिंह चौहान लिखमीसर, विक्रमसिंह राठौड़ कल्याणसर नया, भीष्म शर्मा ने 51-51 हजार की राशि सौंपी। इसी के साथ समारोह में 21 व 11 हजार की भी अनेक दानदाताओं द्वारा सहयोग राशि दी गई। मंच से राजपूत समाज के भवन के लिए भूमि आवंटन की मांग की स्थानीय नेताओं से की गई।
ये रहें खासे सक्रिय।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। समारोह के सफल आयोजन में राजपूत समाज के अनेक युवा व स्वयंसेवक खासे सक्रिय रहें। इसमें कार्यक्रम संयोजक पूर्व सरपंच रतनसिंह केऊ, जोधासर सरपंच प्रतिनिधि भंवर सिंह झंझेऊ, पंचायत समिति सदस्य नत्थूसिंह दुलचासर, विक्रमसिंह सत्तासर, भंवरसिंह चंद्रावत, रणवीर सिंह सेरूणा, पृथ्वीसिंह केऊ, दीपसिंह झंझेऊ, राम सिह झंझेऊ, रघुवीरसिंह चंद्रावत जोधासर, पार्षद विक्रमसिंह शेखावत, एडवोकेट रणवीरसिंह खिची, महेंद्रसिंह झंझेऊ, महेंद्रसिंह तंवर, अशोक सिंह मिंगसरिया, महेंद्र राजपूत, पन्ने सिंह, इंद्रसिंह पुन्दलसर, राजेन्द्र सिंह पुंदलसर, रिछपालसिंह, रणवीरसिंह रामसरा, विजय सिंह, भागीरथ सिंह धर्मास, गोपाल सिंह झंझेऊ, जगमालसिंह इंदपालसर, प्रतापसिंह कीतासर, करणीसिंह कोटड़िया, रणजीतसिंह जालबसर, पप्पूसिंह कीकासर, चैनसिंह झंझेऊ, नत्थूसिंह जोधासर, गणेशसिंह लिखमीसर, विशालसिंह, देवीसिंह, रामसिंह नोसरिया, जगमालसिंह, हड़मानसिंह डेलवा, कानसिंह, महावीर सिंह, श्रवण सिंह जालबसर, विक्रमसिंह राजेडू़, उपेंद्रसिंह पुंदलसर, बजरंगसिंह मिंगसरिया, भैरूसिंह जाखासर, सोहनसिंह झंझेऊ, भगवंतसिंह कोटासर, लक्ष्मणसिंह झंझेऊ, मोतीसिंह, ओमसिंह मोमासर, रामसिंह चंद्रावत, महावीरसिंह जोधासर, मदनसिंह राठौड़ लखासर, मदनसिंह अर्जुनसिंह, उपसरपंच मांगुसिंह जोधासर, ओमपाल सिंह जोधासर सहित श्रीरघुकुल राजपूत सेवा संस्थान कार्यकारिणी सदस्य व छात्रावास के सहयोगी उपस्थित रहें। समारोह का लाइव प्रसारण देखने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक करें:- https://www.facebook.com/share/v/19q2msgJ2n/












