






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 दिसम्बर 2020। बिग्गाबास निवासी व कस्बे में नेक-ईमानदार समाजसेवा का कीर्तिमान गढ़ने व वाले शख्स सत्यनारायण बिहाणी का मंगलवार देर रात ह्रदय गति रूकने से देहांत हो गया है। बिहाणी का श्रीडूंगरगढ़ में सामाजिक व सांकृतिक योगदान कस्बेवासियों में सदैव स्मरणीय रहेगा। बिहाणी ने ही कस्बे में रावण दहन की परम्परा को प्रारम्भ किया और 50 वर्षों तक इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया। बिहाणी ने ही कस्बे में रामलीला मंचन को प्रारम्भ किया, झांकियां निकालना हो या पैदल यात्री संघ ले जाने हो, लोकदेवता बाबा रामदेव के भव्य जागरण का आयोजन हो उन्होंने पूरी जिम्मेदारी से सफल आयोजन करवाए। बिहाणी श्रीडूंगरगढ नगरपालिका के चैयरमेन बने, माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष रहे, गोपाल गौशाला में मंत्री रहते हुए गौशाला के विकास में योगदान व सेवाएं दी। बिहाणी के देहांत पर कलक्त्ता प्रवासी व कलकत्ता माहेश्वरी सभा के उपाध्यक्ष बिरजकुमार बलदेवा ने अपने ममेरे भाई की स्मृतियों को याद करते हुए रुंधे गले से कहा कि श्रीडूंगरगढ शहर सत्यनारायण के साथ जिंदादिली से जीवन को जीना सीख पाया था और उनके निधन से बिग्गाबास ही नहीं कस्बे की रौनक फिकी हो गई है। बिहाणी जीवन के 79 बसंत पार कर चुके थे और अपने पीछे 6 पुत्र व 2 पुत्रियों का भरा पूरा परिवार छोड़ कर गए है। उनका अंतिम संस्कार गुरूवार सुबह किया जाएगा। श्रीडूंगरगढ़ के समाजसेवियों में शोक की लहर है व अनेक संस्थाओं सहित समाजसेवी, राजनीतिज्ञ, नागरिक संवेदनाएं व्यक्त कर रहें है।



